ख़ुर्शीद-उल-इस्लाम

ख़ुर्शीद-उल-इस्लाम की रचनाएँ

इंक़िलाब  वो कारवान-ए-गुल-ए-ताज़ा जिस के मुज़्दे से दिमाग़-ए-इश्क़ मोअत्तर है और फ़ज़ा मामूर दिलों से कितना क़रीं है नज़र से…

2 months ago