‘फ़ज़ा’ इब्न-ए-फ़ैज़ी

‘फ़ज़ा’ इब्न-ए-फ़ैज़ी की रचनाएँ

बहुत जुमूद था बे-हौसलों में क्या करता बहुत जुमूद था बे-हौसलों में क्या करता न लगती आग तो मैं जंगलों…

5 days ago