मंजुल मयंक की रचनाएँ

रात ढलने लगी, चाँद बुझने लगा रात ढलने लगी, चाँद बुझने लगा, तुम न आए, सितारों को नींद आ गई…

1 week ago

रसलीन’की रचनाएँ

सुकीया बरनन 1. चितवन छोर नैन कोर तें चलै न आगे, बन धन बोल सदा लेखन लौं भाखी है। निकसै…

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रोहिताश्व अस्थाना की रचनाएँ

लोमड़ी कितनी है चालाक लोमड़ी, खूब जमाती धाक लोमड़ी। सदा सफलता पाती है वह, नहीं छानती खाक लोमड़ी! भोली बनकर…

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रोहित रूसिया की रचनाएँ

अब नहीं आती अब नहीं आती किसी की चिट्ठियाँ नेह में मनुहार में जीत में या हार में चुक गयी…

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रोहित ठाकुर की रचनाएँ

गोली चलाने से पलाश के फूल नहीं खिलते गोली चलाने से पलाश के फूल नहीं खिलते बस सन्नाटा टूटता है…

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रोहित आर्य की रचनाएँ

ईश्वर तू ही सृष्टि बनाने वाला, इसे चलाने वाला है, तू सबका रखवाला है धरती से लेकर अम्बर तक, तेरा…

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रोशन लाल ‘रौशन’ की रचनाएँ

पेड़ जितने सफ़र में घनेरे मिले पेड़ जितने सफ़र में घनेरे मिले उनके साए में बैठे लुटेरे मिले रौशनी में…

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रैदास की रचनाएँ

रैदास के दोहे जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात। रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न…

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रेहाना रूही की रचनाएँ

दिल को रह रह के ये अंदेश डराने लग जाएँ दिल को रह रह के ये अंदेश डराने लग जाएँ…

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रेशमा हिंगोरानी की रचनाएँ

मेरे अपने अश्क़[1] वो काम कर गए मेरे, अश्क़ वो थाम कर गए मेरे! किसी से क़ीमते-वफ़ा[2] सुनकर, अदा वो दाम कर…

2 weeks ago