वसुधा कनुप्रिया

वसुधा कनुप्रिया की रचनाएँ

बेदाग़ चाँद तुम कहते थे मुझे चाँद, बेदाग़ चाँद पहलू में रखते थे सजा, छिपा हरदम फिर एक दिन चाँद…

2 months ago