शाहिदा हसन

शाहिदा हसन की रचनाएँ

ठहरा है करीब-ए-जान आ कर  ठहरा है करीब-ए-जान आ कर जाने का नहीं ये ध्यान आ कर आईना लिया तो…

2 months ago