अंगिका

कैलाश झा ‘किंकर’ की रचनाएँ

भेलै केहन ससुरा केहन हम्मर नैहर रहै भेलै केहन ससुरा। बूँदा-बूदी होत्तेॅ होय छै कादऽ कैसन गाँव में केना केॅ…

2 months ago

कस्तूरी झा ‘कोकिल’ की रचनाएँ

प्रार्थना माँ सरस्वती! बसॅ हृदय में स्वीकार करॅ सुमन-चंदन। चरण-कमल रॅ दास बनाबॅ। सदा प्रार्थना शीश नमन। जे कुछ देखियै,…

2 months ago

अमरेन्द्र की रचनाएँ

जन्म खण्ड / गेना जों बसन्त मेँ गाछी के ठारी सेँ निकलै टूसाचतुरदशी के बाद सरँग मेँ विहँसै चान समूचाबितला…

3 months ago