आनंद बख़्शी की रचनाएँ

अरे रे अरे ये क्या हुआ मैंने न ये जाना

अरे रे अरे ये क्या हुआ, मैंने न ये जाना
अरे रे अरे बन जाए ना, कहीं कोई अफ़साना
अरे रे अरे कुछ हो गया, कोई न पहचाना
अरे रे अरे बनता है तो, बन जाए अफ़साना

हाथ मेरा थाम लो, साथ जब तक हो
बात कुछ होती रहे, बात जब तक हो
सामने बैठे रहो तुम, रात जब तक हो
अरे रे अरे ये क्या हुआ, मैंने न ये जाना

नाम क्या दें क्या कहें, दिल के मौसम को
आग जैसे लग गई, आज शबनम को
ऐसा लगता है किसी ने, छू लिया हमको
अरे रे अरे ये क्या हुआ, मैंने न ये जाना

तुम चले जाओ ज़रा, हम सम्भल जाएँ
धड़कनें दिल की कहीं, ना मचल जाएँ
वक़्त से आगे कहीं ना, हम निकल जाएँ
अरे रे अरे कुछ हो गया, कोई न पहचाना

हममें तुममें कुछ तो है, कुछ नहीं है क्या
और कुछ हो जाए तो, कुछ यक़ीं है क्या
देख लो ये दिल जहाँ था, ये वहीं है क्या
अरे रे अरे ये क्या हुआ, मैंने न ये जाना

याद कुछ आता नहीं, ये हुआ कबसे
हो गया मुश्क़िल छुपाना, राज़ ये सबसे
तुम कहो तो माँग लूँ मैं, आज कुछ रब से
अरे रे अरे ये क्या हुआ, कोई न पहचाना

सामने हैं रास्ते, हम गुज़र जाएँ
या किसी के वास्ते, हम ठहर जाएँ
अब यहाँ तक आ गए हैं, अब किधर जाएँ
अरे रे अरे कुछ हो गया, कोई न पहचाना
अरे रे अरे बनता है तो, बन जाए अफ़साना

अगर दिलबर की रुसवाई हमें मंज़ूर हो जाए 

अगर दिलबर की रुसवाई हमें मंजूर हो जाए
सनम तू बेवफा के नाम से मशहूर हो जाए

हमें फुरसत नहीं मिलती कभी आँसू बहाने से
कई गम पास आ बैठे तेरे एक दूर जाने से
अगर तू पास आ जाए तो हर गम दूर हो जाए

वफ़ा का वासता दे कर मोहब्बत आज रोती है
ना ऐसे खेल इस दिल से ये नाज़ुक चीज़ होती है
ज़रा सी ठेस लग जाए तो शीशा चूर हो जाए

तेरे रंगीन होठों को कंवल कहने से डरते हैं
तेरी इस बेरूख़ी पे हम ग़ज़ल कहने से डरते हैं
कही ऐसा ना हो तू और भी मग़रूर हो जाए

अँखियों को रहने दो, अँखियों के आस पास

टूटके दिल के टुकड़े टुकड़े हो गए मेरे सीने में
आ गले लगके मर जाएं, क्या रखा है जीने में

अँखियों को रहने दे, अँखियों के आस पास
दूर से दिल की बुझती रहे प्यास

दर्द ज़माने में कम नहीं मिलते
सब को मोहब्बत से ग़म नहीं मिलते
टूटने वाले दिल होते हैं कुछ खास
दूर से दिल की बुझती रहे प्यास

रह गई दुनिया में नाम की खुशियाँ
तेरे मेरे किस काम की खुशियाँ
सारी उम्र हमको रहन है यूँ उदास
दूर से दिल की बुझती रहे प्यास

अब के सजन सावन में 

अब के सजन सावन में
अब के सजन सावन में
आग लगेली बदन में
घटा बरसेगी नज़र तरसेगी मगर
मिल न सकेंगे दो मन एक ही आँगन में

अब के सजन सावन में

दो दिलों के बीच खड़ी कितनी दीवारें
कैसे सुनूँगी मैं पिया प्रेम की पुकारें
चोरी चुपके से तुम लाख करो जतन, सजन
मिल न सकेंगे दो मन एक ही आँगन में

अब के सजन सावन में

इतने बड़े घर में नहीं एक भी झरोंका
किस तरह हम देंगे भला दुनिया को धोका
रात भर जगाएगी ये मस्त मस्त पवन, सजन
मिल न सकेंगे दो मन एक कि आँगन में

अब के सजन सावन में

तेरे मेरे प्यार का ये साल बुरा होगा
जब बहार आएगी तो हाल बुरा होगा
कांटे लगाएगा ये फूलों भरा चमन, सजन
मिल न सकेंगे दो मन एक ही आँगन में

अब के सजन सावन में
आग लगेली बदन में

आँखों-आँखों में हम-तुम

किशोर:
आँखों-आँखों में हम-तुम हो गए दीवाने

आशा:
बातों-बातों में देखा बन गए अफ़साने

किशोर:
आँखों-आँखों …
हम अजनबी थे तुम थे पराए
इक दूसरे के दिल में समाए
हम और तुम में उफ़ ये मोहब्बत कैसे हो गई
हम तुम जाने नहीं जाने

आशा:
बातों-बातों …

किशोर:
कितनी हसीन ये तनहाइयाँ हैं

आशा:
तन्हाइयों में रुस्वाइयाँ हैं

किशोर:
रुसवाइयों से डरते नहीं हम

आशा:
छेड़ो प्यार की बातें

किशोर:
छोड़ो ये बहाने

दोनों:
आँखों-आँखों …

आएगी आएगी आएगी किसी को हमारी याद आएगी

आएगी आएगी आएगी किसी को हमारी याद आएगी
मेरा मन कहता है प्यासे जीवन में कभी कोई बदली छाएगी
आएगी आएगी …

जो बात निकलती है दिल से कुछ उसका असर होता है
कहने वाला तो रोता है सुनने वाला भी रोता है
फ़रियाद मेरी दुनिया की दीवारों से टकराएगी
आएगी आएगी …

दुनिया में कौन हमारा है
कश्ती भी है टूट-फूटी और कितनी दूर किनारा है
माँझी न सही कोई मौज कभी साथ हमें ले जाएगी
आएगी आएगी …

इन ग़म की गलियों में कब तक ये दर्द हमें तड़पाएगा
इन रस्तों पे चलते-चलते हमदर्द कोई मिल जाएगा
हद होगी कोई तक़दीर यूँ ही हमें कब तक ठुकराएगी
आएगी आएगी …

आज उनसे पहली मुलाकात होगी

आज उनसे पहली मुलाक़ात होगी,
फिर आमने सामने बात होगी
फिर होगा क्या, क्या पता क्या खबर
फिर होगा क्या, क्या पता क्या खबर

अनदेखा अन्जाना मुखड़ा कैसा होगा
ना जाने वो चाँद का टुकड़ा कैसा होगा
अनदेखा अन्जाना मुखड़ा कैसा होगा
ना जाने वो चाँद का टुकड़ा कैसा होगा
मिलते ही उनसे हाय दिल में,
एक बेक़रारी सी दिन रात होगी
फिर होगा क्या ….

बैठें होंगे रास्ते पे वो आँखें बिछाये
हर आहट पे सोचते होंगे, साजन आये
बैठें होंगे रास्ते पे वो आँखें बिछाये
हर आहट पे सोचते होंगे, साजन आये
क्या हाल होगा, वहाँ कुछ ना पूछो
दिल में उमंगों कि बरात होगी
फिर होगा क्या ….

खुलके होंगी तन्हाई में दिल की बातें
प्यासे तनमन पे होंगी रिम-झिम बरसातें
खुलके होंगी तन्हाई में दिल की बातें
प्यासे तनमन पे होंगी रिम-झिम बरसातें
ऐ मेरे दिल ये भी तो सोच ले तू
कोई सहेली अगर साथ होगी
फिर होगा क्या….

आज मौसम बड़ा बेईमान है 

आज मौसम बड़ा बेईमान है
बड़ा बेईमान है, आज मौसम
आने वाला कोई तूफ़ान है
कोई तूफ़ान है, आज मौसम

क्या हुआ है, हुआ कुछ नहीं है
बात क्या है पता कुछ नहीं है
मुझसे कोई ख़ता हो गई तो
इस में मेरी ख़ता कुछ नहीं है
ख़ूबसूरत है तू रुत जवान है
आज मौसम बड़ा बेईमान है

काली\-काली घटा दर रही है
ठंडी आहें हवा भर रही है
सबको क्या\-क्या गुमान हो रहे हैं
हर कली हम पे शक कर रही है
फूलों का दिल भी कुछ बदगुमान है

ऐ मेरे यार ऐ हुस्न वाले
दिल किया मैंने तेरे हवाले
तेरी मर्ज़ी पे अब बात ठहरी
जीने दे चाहे तू मार डाले
तेरे हाथों में अब मेरी जान है

आजा तुझको पुकारे मेरे गीत रे 

आ जा तुझको पुकारें मेरे गीत रे, मेरे गीत रे
ओ मेरे मितवा, मेरे मीत रे, आजा …

नाम न जानूँ तेरा देश न जानूँ
कैसे मैं भेजूँ सन्देश न जानूँ
ये फूलों की ये झूलों की, रुत न जाये बीत रे
आजा तुझको …

तरसेगी कब तक प्यासी नज़रिया
बरसेगी कब मेरे आँगन बदरिया
तोड़ के आजा छोड़ के आजा, दुनिया की हर रीत रे
आजा तुझको …

होली के दिन दिल खिल जाते हैं 

चलो सहेली, चलो रे साथी, ओ पकड़ो-पकड़ो
रे इसे न छोड़ो, अरे बैंया न मोड़ो
ज़रा ठहर जा भाभी, जा रे सराबी
क्या ओ राजा, गली में आजा
होली रे होली, भांग की गोली
ओ नखरे वाली, दूँगी मैं गाली
ओ रामू की साली, होली रे होली

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं
गिले शिक़वे भूल के दोस्तो दुश्मन भी गले मिल जाते हैं

गोरी तेरे रंग जैसा थोड़ा सा रंग मिला लूँ
आ तेरे गुलाबी गालों से थोड़ा सा गुलाल चुरा लूँ
जा रे जा दीवाने तू होली के बहाने तू छेड़ न मुझे बेशरम
पूछ ले ज़माने से ऐसे ही बहाने से लिए और दिए दिल जाते हैं
होली के दिन दिल …

यही तेरी मरज़ी है तो अच्छा तू ख़ुश हो ले
पास आ के छूना ना मुझे चाहे दूर से भिगो ले
हीरे की कनी है तू मोती की बनी है तू छूने से टूट जाएगी
काँटों के छूने से फूलों से नाज़ुक-नाज़ुक बदन छिल जाते हैं
होली के दिन दिल …

हो गया है तुझको तो प्यार सजना 

न जाने मेरे दिल को क्या हो गया
अभी तो यहीं था अभी खो गया

हो गया है तुझको तो प्यार सजना
लाख कर ले तू इनकार सजना
दिलदार सजना, है ये प्यार सजना

देखा न तूने, मुड़के भी पीछे
कुछ देर तो मैं रुका था
जब दिलने तुझको रोकना चाहा
दूर तू जा चुका था
हुआ क्या न जाना, ये दिल क्यों दीवाना
हो गया है तुझको तो प्यार …

अए वक़्त रुक जा, थम जा, ठहर जा
वापस ज़रा दौड़ पीछे
मैं छोड़ आयी, खुद को जहाँ पे
वो रह गया मोड़ पीछे
कहाँ मैं, कहाँ तू
ये कैसा है जादू
हो गया है तुझको तो प्यार …

हुस्न के लाखों रंग

हुस्न के लाखों रंग
कौन सा रंग देखोगे
आग है ये बदन
कौन सा अंग देखोगे

गालों के ये फूल गुलाबी
इनकी रंगत क्या जानो
होंठों के दो जाम शराबी
इनकी लज़्ज़त क्या जानो
ज़ुल्फ़ों की ये छाँव घनेरी
इनकी राहत क्या जानो
हुस्न के लाखोन रंग …

पदर्ए में क्या छुपा हुआ है
तेरी नज़र ये क्या जाने
इन आँखों के पीछे कितने
बसे हुए हैं मैखाने
पीके देखो जाम नज़र का
हो जाओगे दीवाने
हुस्न के लाखोन रंग …

हम बेवफ़ा हरगिज न थे 

हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे
पर हम वफ़ा कर ना सके
हमको मिली उसकी सजा
हम जो ख़ता कर ना सके

कितनी अकेली थी वो राहें हम जिनपर
अब तक अकेले चलते रहें
तुझसे बिछड़ के भी ओ बेखबर
तेरे ही ग़म में जलते रहें
तूने किया जो शिकवा
हम वो गिला कर ना सके

तुमने जो देखा सुना सच था मगर
इतना था सच ये किसको पता
जाने तुम्हे मैने कोई धोखा दिया
जाने तुम्हे कोई धोखा हुआ
इस प्यार में सच झूठ का
तुम फ़ैसला कर ना सके

हम को हमीं से चुरा लो 

हम को हमीं से चुरा लो
दिल में कहीं तुम छुपा लो
हम अकेले खो न जायें
दूर तुम से हो न जायें
पास आओ गले से लगा लो
हम को हमीं से चुरा लो …

ये दिल धड़का दो ज़ुल्फ़ें बिखरा दो
शरमा के अपना आँचल लहरा दो
हम ज़ुल्फ़ें तो बिखरा दें दिन में रात न हो जाये
हम आँचल तो लहरा दें पर बरसात न हो जाये
होने दो बरसातें करनी हैं कुछ बातें
पास आओ गले से लगा लो …

तुम पे मरते हैं हम मर जायेंगे
ये सब कहते हैं हम कर जायेंगे
चुटकी भर सिन्दूर से तुम ये माँग ज़रा भर दो
कल क्या हो किसने देखा सब कुछ आज अभी कर दो
हो न हो सब राज़ी दिल राज़ी रब राज़ी
पास आओ गले से लगा लो …

साथिया नहीं जाना के जी ना लगे

र : साथिया नहीं जाना के जी ना लगे
मौसम है सुहाना के जी ना लगे
साथिया नहीं जाना …

ल : साथिया मैने माना के जी ना लगे
जी को था समझाना के जी ना लगे

र : साथिया नहीं जाना …

ल : मेरे अच्छे बालमा छोड़ो आज बईयाँ
वो झूठा जो सइयाँ कल आए ना

र : जाके फिर आओगी आके फिर जाओगी
आने\-जाने में जवानी ढल जाए ना
हो छोड़ो आना जाना के जी ना लगे
साथिया नहीं जाना …

जी का बुरा हाल है जब से जी लगाया
तुझे जी में बसाया तेरे हो लिए

ल : जी का था ख़्याल तो काहे जी लगाया
मुझे जी में बसाया ऐ जी बोलिए

र : हो अब काहे पछताना के जी ना लगे

ल : साथिया मैने माना …

जाने की तो बालमा मर्ज़ी नहीं मेरी
डर लगता है बैरी जगवालों से

र : ओय छड्डो वी ना सोणियों जग से डरते हो
जग ख़ुद डरता है दिलवालों से

ल : ओ हो छोड़ो ये बहाना

र : के जी ना लगे

दो : साथिया नहीं जाना …

हाय शरमाऊँ, किस किस को बताऊँ 

हाय शरमाऊँ, ओए ओए
हाय शरमाऊँ, किस किस को बताऊँ
ऐसे कैसे मैं सुनाऊँ सब को
अपनी प्रेम कहानियाँ, अपनी प्रेम कहानियाँ
बालम की, बालम की
हाय तीन निशानियाँ

हाय शरमाऊँ, किस किस को बताऊँ
ऐसे कैसे मैं सुनाऊँ सब को
अपनी प्रेम कहानियाँ, अपनी प्रेम कहानियाँ

पहली निशानी मैं हूँ जिसकी दीवानी
पहली निशानी मैं हूँ जिसकी दीवानी
रुत जैसी तूफ़ानी ऐसी उनकी जवानी मस्तानी
उसके आगे फीकी लागे हाय सबकी जवानियाँ

कुर्ता है नीला रंग पगड़ी का पीला
कुर्ता है नीला रंग पगड़ी का पीला
रूप उसका कटीला ऐसा है छैला
रूप उसका कटीला ऐसा है छैला, रंगीला
चाल शराबी, रंग गुलाबी
ते अखाँ मस्तानियाँ

आँखों को मींचे देखो साँसों को खींचे
आँखों को मींचे देखो साँसों को खींचे
वहाँ पीपल के नीचे मेले में सबसे पीछे
वहाँ पीपल के नीचे मेले में सबसे पीछे
खड़ा है, नींद उड़ाये, चैन चुराये
ते करे बेइमानियाँ

हम तुम इक कमरे में बंद हों

बाहर से कोई अन्दर न आ सके
अन्दर से कोई बाहर न जा सके
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो

हम तुम, इक कमरे में बन्द हों
और चाभी खो जाये
तेरे नैनों के भूल भुलैय्या में
बॅबी खो जाये
हम तुम …

आगे हो घनघोर अन्धेरा
– बाबा मुझे डर लगता है
पीछे कोई डाकू लुटेरा
– उँ, क्यों डरा रहे हो
आगे हो घनघोर अन्धेरा
पीछे कोई डाकू लुटेरा
उपर भी जाना हो मुशकिल
नीचे भी आना हो मुशकिल
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम कहीं को जा रहे हों
और रस्ता भूल जाये
तेरे बैंय्या के झूले में सिंय्य्या
बॅबी झूल जाये
हम तुम …

बस्ती से दूर, परबत के पीछे
मस्ती में चूर घने पेड़ों के नीचे
अन्देखी अन्जानी सी जगह हो
बस एक हम हो और दूजी हवा हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम एक जंगल से गुज़रे
और शेर आ जाये
शेर से कहूँ तुमको चोड़ के
मुझे खा जाये
हम तुम …

ऐसे क्यों खोये हुए हो
जागे हो कि सोये हुए हो
क्या होगा कल किसको खबर है
थोड़ा सा मेरे दिल में ये डर है
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम, यूँ ही हँस खेल रहे हों
और आँख भर आये
तेरे सर की क़सम तेरे ग़म से
बॅबी मर जाये
हम तुम …

सामने ये कौन आया दिल में हुई हलचल

सामने ये कौन आया दिल में हुई हलचल
देख के बस एक ही झलक हो गये हम पागल
बातें मुलाक़ातें तो होंगी हम से भी
वो हम पे खुलेंगी कभी आज नहीं तो कल

आँखों ही आँखों में
बातों ही बातों में
कभी जान पहचान होगी
सुन लो ये कहानी
हसीना इक अनजानी
किसी दिन महरबान होगी
ज़ू ज़ु ज़ू, ज़ू ज़ु ज़ू
ज़ू ज़ु ज़ू, ज़ू ज़ु ज़ु ज़ु
सामने ये कौन आया …

रहना है यहाँ तो
दोनों हैं जवाँ तो
भला दूर कैसे रहेंगे
माना वो हसीं है
तो हम भी कम नहीं हैं
वो मगरूर कैसे रहेंगे
ल ला र, ल ला र
ल ला र, ल ला ल ल
सामने ये कौन आया …

हवा के साथ साथ, घटा के संग संग

हवा के साथ साथ
घटा के संग संग
ओ साथी चल
मुझे लेके साथ चल तू
यूँ ही दिन-रात चल तू
सम्भल मेरे साथ चल तू
ले हाथों में हाथ चल तू
ओ साथी चल

एक तो ये मौसम है बड़ा सुहाना
अपना तो ये दिल भी है दीवाना
पर्बत से आके न टकरा जाना
तू बनके बादल
ओ साथी चल …

हँसती है ये दुनिया तो हँसने दे
अरे नागन बनकर इस रुत को दँसने दे
मुझको अपनी आँखों में बसने दे
ओ बनके काजल
ओ साथी चल …

अपनि रेशमी ज़ुल्फें लहराने दे
मुझको अपनी बांहों में आने दे
थक गई आज बहुत मैं अब जाने दे ना
मिलेंगे फिर कल
ओ साथी चल …

रब ने बनाया तुझे मेरे लिए मुझे तेरे लिए

रब ने बनाया तुझे मेरे लिए मुझे तेरे लिए
इक बना के दो टुकड़े किये दिल तड़पाया तेरा मेरे लिए
इक बना के दो टुकड़े किये दिल तड़पाया तेरा मेरे लिए
रब ने बनाया तुझे …

आज की अपनी मुलाक़ात नहीं ये
तेरी मेरी सोची बात नहीं ये
हुक़्म-ए-इलाही है ये की करिए रब्बा की करिए
रब ने बनाया तुझे …

इश्क़ को दिल का ईमान बना कर
अपने ख़ुदा का फ़रमान बना कर
कसमें उठाईं हमने वादे किए
रब ने बनाया तुझे …

सितम सब हैं लोगों गंवारा हमें
जुदा मत करो फिर ख़ुदारा हमें
मुहब्बत ने हर बार पैदा किया
ज़माने ने हर बार मारा हमें
कभी शीरी फ़रहाद हमको कहा
कभी लैला मजनूं कहा
दुनिया ने हमको कितने नाम दिए हाय नाम दिए
रब ने बनाया तुझे …

ये शाम मस्तानी, मदहोश किए जाए

ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जाये
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिये जाये

दूर रहती है तू, मेरे पास आती नहीं
होठों पे तेरे, कभी प्यास आती नहीं
ऐसा लगे, जैसे कि तू, हँसके ज़हर कोई पिये जाये
शाम मस्तानी …

बात जब मैं करूँ, मुझे रोक देती है क्यों
तेरी मीठी नज़र, मुझे टोक देती है क्यों
तेरी हया, तेरी शरम, तेरी क़सम मेरे होंठ सिये जाये
शाम मस्तानी …

एक रुठी हुई, तक़दीर जैसे कोई
खामोश ऐसे है तू, तस्वीर जैसे कोई
तेरी नज़र, बनके ज़ुबाँ, लेकिन तेरे पैग़ाम दिये जाये

ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जाये
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिये जाये

रैना बीती जाए 

रैना बीती जाये, श्याम ना आये
रैना बीती जाये, श्याम ना आये
निंदिया ना आये, निंदिया ना आये
रैना बीती जाये …

शाम को भूला, श्याम का वाद
शाम को भूला, श्याम का वाद
संग दिये के, बैठी है राधा
निंदिया ना आये, निंदिया ना आये
रैना बीती जाये …

किस सौतन ने रोकी डगरिया
किस सौतन ने रोकी डगरिया
किस बैरन से लागी नज़रिया
निंदिया ना आये, निंदिया ना आये
रैना बीती जाये …

बिरहा की मारी, प्रेम दीवानी
बिरहा की मारी, प्रेम दीवानी
तन मन प्यासा अंखियों में पानी
निंदिया ना आये, निंदिया ना आये
रैना बीती जाये …

लम्बी जुदाई 

बिछड़े अभी तो हम
बस कल परसों
जियूंगी मैं कैसे
इस हाल में बरसों
मौत ना आये तेरी याद क्यों आये?
हाय, लम्बी जुदाई

चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई
होंठों पे आये, मेरी जान, दुहाई
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

एक तो सजन मेरे पास नहीं रे
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे
उसपे ये सावन आया
उसपे ये सावन आया
आग लगाने
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

बाग उजड़ गये, बाग उजड़ गये खिलने से पहले
पंछी बिछड़ गये मिलने से पहले
पंछी बिछड़ गये मिलने से पहले
कोयल की कूक, कोयल की कूक ने हूक उठायी
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई
होंठों पे आये, मेरी जान, दुहाई
हाय, लम्बी जुदाई

टूटे ज़माने तेरे हाथ निगोड़े, हाथ निगोड़े
दिल से दिलों की तूने शीशे तोड़े, शीशे तोड़े
हिज्र की ऊँची, हिज्र की ऊँची दीवार बनायी
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई
लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

प्यार करने वाले कभी डरते नहीं

लोगों से सुना है किताबों में लिखा है
सब ने यही कहा है सब ने यही कहा है

प्यार करने वाले कभी डरते नहीं
जो डरते हैं वो प्यार करते नहीं

लम्बी दीवारें चुनवा दो लाख बिठा दो पहरे
रस्ते में बिछा दो ऊँचे पर्वत सागर गहरे
तूफ़ाँ कब रुकते हैं बादल जब झुकते हैं
तारे कह उठते हैं सारे कह उठते हैं
प्यार करने वाले कभी डरते नहीं …

प्यार छुपे न खुशबू ये एलान कहो तो कर दूँ
चुटकी भर सिन्दूर मँगा दे माँग मएं तेरी भर दूँ
दुनिया क्या कर लेगी दुनिया से कहेगी
बस कहती ही रहेगी, बस कहती ही रहेगी
प्यार करने वाले कभी डरते नहीं …

बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा

र: बने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा
सलामत रहे दोस्ताना हमारा

कि: बने चाहे …

र: वो ख़्वाबों के दिन वो किताबों के दिन
सवालों की रातें जवाबों के दिन
कई साल हमने गुज़ारे यहाँ
यहीं साथ खेले हुए हम जवां
हुए हम जवां
था बचपन बड़ा आशिकाना हमारा
सलामत रहे दोस्ताना हमारा

कि: बने चाहे …

कि: ना बिछड़ेंगे मर के भी हम दोस्तों
हमें दोस्ती की क़सम दोस्तों
पता कोई पूछे तो कहते हैं हम
के एक दूजे के दिल मे रहते हैं हम
रहते हैं हम
नहीं और कोई ठिकाना हमारा
सलामत रहे दोस्ताना हमारा

र: बने चाहे …

मार गई मुझे तेरी जुदाई 

किशोर:
मार गई मुझे तेरी जुदाई डस गई ये तन्हाई
तेरी याद आई फिर आँखों में नींद नहीं आई

आशा:
मार गई मुझे …
लाज का घूँघट चुप के ताले
मैने आख़िर तोड़ ही डाले
होती है तो हो ही जाए अब दुनिया में रुसवाई

किशोर:
मार गई मुझे …
फिर न कहीं ये ग़म मिल जाएँ
आज ही क्यों ना हम मिल जाएँ
क्या साथी क्या बाराती क्या डोली क्या शहनाई

आशा:
मार गई मुझे …
हर मुश्क़िल आसाँ हो जाती
पहले गर ये हाँ हो जाती

दोनों:
हमने हाँ करने में तौबा कितनी देर लगाई
मार गई मुझे …

प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है

प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है
प्यार दीवाना…

शमा कहे परवाने से, परे चला जा
मेरी तरह जल जायेगा, यहाँ नहीं आ
शमा कहे परवाने से, परे चला जा
मेरी तरह जल जायेगा, यहाँ नहीं आ
वो नहीं सुनता उसको जल जाना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

रहे कोई सौ परदों में, डरे शरम से
नज़र अजी लाख चुराये, कोई सनम से
रहे कोई सौ परदों में, डरे शरम से
नज़र अजी लाख चुराये, कोई सनम से
आ ही जाता है जिसपे दिल आना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

सुनो किसी शायर ने ये, कहा बहुत खूब
मना करे दुनिया लेकिन, मेरे महबूब
सुनो किसी शायर ने ये, कहा बहुत खूब
मना करे दुनिया लेकिन, मेरे महबूब
वो छलक जाता है जो पैमाना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

तू न जा मेरे बादशाह

तू न जा मेरे बादशाह
एक वादे के लिए एक वादा तोड़ के
हो न जा मेरे बादशाह

मैं वापस आऊंगा
मैं वापस आऊंगा
जा रहा हूँ मैं यहां जान अपनी छोड़ के
तू न जा मेरे बादशाह
एक वादा तोड़ के
ख़ुदा का तुझे वास्ता

तू लौटकर आना तेरा देखूंगी मैं रास्ता
ये वादा है मेरा
ये वादा है मेरा
मैं अगर मर भी गया तो भी वापस आऊंगा
हो न जा मेरे …

मार न डाले कहीं ये तेरी फ़ुर्क़त मुझे
मैं वापस आऊंगा
मैं वापस आऊंगा
ये मेरा वादा रहा
हँस के कर रुख़सत मुझे ओ आ मेरे महबूब आ
जाने से पहले तुझे मैं जी भरके देख लूं
तेरी तस्वीर मैं
तेरी तस्वीर मैं
चहूं जब आँखें ज़रा बंद करके देख लूं
तू न जा मेरे …

तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बन्धन

लता:
ओ, तेरे मेरे बीच में -२
कैसा है यह बन्धन अंजाना -३
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना -२
तेरे मेरे बीच में …

एक डोर खींचे दूजा दौड़ा चला आए -२
कच्चे धागे में बंधा चला आए
ऐसे जैसे कोई …
ऐसे जैसे कोई, दीवाना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …

एस. पी. बालासुब्रामण्यम:
हो हो आपड़िया

लता:
हा हा जैसे सब समझ गया

पहनूँगी मैं तेरे हाथों से कंगना -२
जाएगी मेरी डोली तेरे ही अंगना
चाहे कुछ कर ले …
चाहे कुछ कर ले, ज़माना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …

एस. पी. बालासुब्रामण्यम:
नी रोम्बा अड़गा इरुक्के

लता:
रम्बा? ये रम्बा-मम्बा क्या है?

इतनी ज़ुबानें बोलें लोग हमजोली -२
दुनिया में प्यार की एक है बोली
बोले जो शमा …
बोले जो शमा, पर्वाना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना

एस. पी. बालासुब्रामण्यम:
परवा इल्लये नल्ला पादरा

लता:
क्या?

कैसा है यह बन्धन अंजाना
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …

Slow Version…
तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बन्धन अन्जाना
मैं ने नहीं जाना, तू ने नहीं जाना

एक डोर खींचे दूजा दौड़ा चला आए -२
कच्चे धागे में बंधा चला आए
ऐसे जैसे कोई …
ऐसे जैसे कोई, दीवाना -२
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …

नींद न आये मुझे चैन न आये
लाख जतन कर रोक न पाये
सपनों में तेरा
ओ, सप्नों में तेरा आना जाना
मैं ने नहीं जाना, तू ने नहीं जाना
तेरे मेरे बीच में …

दीवाना लेके आया है 

दीवाना लेके आया है, दिल का तराना
दीवाना लेके आया है, दिल का तराना
देखो कहीं यारों, ठुकरा ना देना, मेरा नज़राना
दीवाना लेके …

आज का दिन है, कितना सुहाना, झूम रहा प्यार मेरा
पूरी हों दिल की, सारी मुरादें, खुश रहे यार मेरा
हो हो, चाँद सा जीवन साथी मुबारक
जीवन में आना
दीवाना लेके …

अपने भी हैं कुछ, ख्वाब अधूरे, कौन अब गिने कितने
सच तो ये है के मेरे, दोस्त के सपने भी, हैं मेरे अपने
हो हो, उसकी खुशी अब, मेरी खुशी है
ऐ दिल-ए-दीवाना
दीवाना लेके …

दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर दिल में जगाया आपने

दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर दिल में जगाया आपने
पहले तो मैं, शायर था, आशिक़ बनाया आपने

आपकी मद्होश नज़रें कर रहीं हैं शायरी
ये ग़ज़ल मेरी नहीं ये ग़ज़ल हैं आपकी
मैं ने तो बस वो लिखा जो कुछ लिखाया आपने
दर्द-ए-दिल …

कब कहाँ सब खो गयी जितनी भी थी परछाइयाँ
उठ गयी यारो की महफ़िल हो गयी तन्हाइयाँ
क्या किया शायद कोई परदा गिराया आपने
दर्द-ए-दिल …

और थोड़ी देर में बस, हम जुदा हो जायेंगे
आपको ढूँढूँगा कैसे, रास्ते खो जायेंगे
नाम तक तो भी नहीं अपना बताया आपने
दर्द-ए-दिल …

तुझे देखा तो ये जाना सनम 

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
तुझे देखा तो ये जाना सनम

कोरस: आ…

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

ल: तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम

कोरस: आ…

ल: आँखें मेरी, सपने तेरे
दिल मेरा, यादें तेरी

कु: मेरा है क्या, सब कुछ तेरा
जान तेरी, साँसें तेरी

ल: मेरी आँखों में आँसू तेरे आ गए
मुस्कुराने लगे सारे ग़म

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम

ल: अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम

ल: ये दिल कहीं, लगता नहीं
क्या कहूँ, मैं क्या करूँ

कु: हाँ, तू सामने, बैठी रहे
मैं तुझे देखा करूँ

ल: तू ने आवाज़ दी देख मैं आ गई
प्यार से है बड़ी क्या कसम

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम

ल: तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम

कु: अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

कोरस: आ…

कु: तुझे देखा तो ये जाना सनम

कोरस: आ…

न कोई उमंग है, न कोई तरंग है

न कोई उमंग है, न कोई तरंग है
मेरी ज़िंदगी है क्या, इक कटी पतंग है

आकाश से गिरी मैं, इक बार कट के ऐसे
दुनिया ने फिर न पूछा, लूटा है मुझको कैसे
न किसी का साथ है, न किसी का संग
मेरी ज़िंदगी है क्या, इक कटी पतंग है

लग के गले से अपने, बाबुल के मैं न रो सकी
डोली उठी यूँ जैसे, अर्थी उठी हो किसी कि
यही दुख तो आज भी मेरा अंग संग है
मेरी ज़िंदगी है क्या, इक कटी पतंग है

सपनों के देवता क्या, तुझको करूँ मैं अर्पण
पतझड़ की मैं हूँ छाया, मैं आँसुओं का दर्पन
यही मेरा रूप है यही मेरा रँग है
मेरी ज़िंदगी है क्या, इक कटी पतंग है

दिल क्या करे जब किसी को

दिल क्या करे जब किसी से किसी को प्यार हो जाए
जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जाए
ऊँची-ऊँची दीवारों सी इस दुनिया की रस्में
न कुछ तेरे बस में जुलिए, न कुछ मेरे बस में

जैसे पर्वत पे घटा झुकती है
जैसे सागर से लहर उठती है
ऐसे किसी चहरे पे निगाह रुकती है
जैसे पर्वत पे घटा झुकती है
जैसे सागर से लहर उठती है
ऐसे किसी चहरे पे निगाह रुकती है
हो, रोक नहीं सकती नज़रों को, दुनिया भर की रस्में
न कुछ तेरे बस में जुलिए, न कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे …

आ मैं तेरी याद में सब को भुला दूँ
दुनिया को तेरी तसवीर बना दूँ
मेरा बस चले तो दिल चीर के दिखा दूँ
हो, दौड़ रहा है साथ लहू के प्यार तेरे नस-नस में
न कुछ तेरे बस में जुलिए, न कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे …

कोई शहरी बाबू दिल-लहरी बाबू 

कोई सहरी बाबू
दिल-लहरी बाबू हाय रे
पग बाँध गया घुँघरू
मैं छम-छम नचदी फिराँ
कोई सहरी बाबू
दिल-लहरी बाबू हाय रे
पग बाँध गया घुँघरू
मैं छम-छम नचदी फिराँ

मैं तो चलूँ हौले-हौले
फिर भी मन डोले हाय रे
मेरे रब्बा मैं की कराँ

मैं छम-छम नचदी फिराँ
कोई सहरी बाबू
दिल-लहरी बाबू हाय रे
पग बाँध गया घुँघरू
मैं छम-छम नचदी फिराँ

पनघट पे मैं कम जाने लगी
नटखट से मैं शरमाने लगी
पनघट पे मैं कम जाने लगी
नटखट से मैं शरमाने लगी
धड़कन से मैं घबराने लगी
दरपन से मैं कतराने लगी
मन खाये हिचकोले
ऐसे जैसे नैया डोले हाय रे
मेरे रब्बा मैं की कराँ

मैं छम-छम नचदी फिराँ
कोई सहरी बाबू
दिल-लहरी बाबू हाय रे
पग बाँध गया घुँघरू
मैं छम-छम नचदी फिराँ

सपनों में चोरी से आने लगा
रातों की निंदिया चुराने लगा
सपनों में चोरी से आने लगा
रातों की निंदिया चुराने लगा
नैनों की डोली बिठा के मुझे
ले के बहुत दूर जाने लगा
मेरे घुँघटा को खोले
मीठे-मीठे बोल बोले हाय रे
मेरे रब्बा मैं की कराँ

मैं छम-छम नचदी फिराँ
कोई सहरी बाबू
दिल-लहरी बाबू हाय रे
पग बाँध गया घुँघरू
मैं छम-छम नचदी फिराँ

ग़म का फ़साना बन गया अच्छा 

ग़म का फ़साना बन गया अच्छा
एक बहाना बन गया अच्छा
सरकार ने आके मेरा हाल तो पूछा
ग़म का…

तुम्हारे ख़यालों में खो जायें
ये जी चाहता है की सो जायें
देखो बातों-बातों में चाँदनी रातों में
ख़्वाब सुहाना बन गया अच्छा…

बतायें तुम्हें क्या कहाँ दर्द है
यहाँ हाथ रखना यहाँ दर्द है
देखो बातों बातों में दो ही मुलाकातों में
दिल ये निशाना बन गया अच्छा…

मुहब्बत की रंगीन महफ़िल में
जगह मिल गई आपके दिल में
देखो बातों-बातों में प्यार की बरातों में
अपना ठिकाना बन गया अच्छा…

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है 

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है
चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है
चिट्ठी है वतन से चिट्ठी आयी है
बड़े दिनों के बाद, हम बेवतनों को याद
बड़े दिनों के बाद, हम बेवतनों को याद
वतन की मिट्टी आई है, चिट्ठी आई है …

ऊपर मेरा नाम लिखा हैं, अंदर ये पैगाम लिखा हैं
ऊपर मेरा नाम लिखा हैं, अंदर ये पैगाम लिखा हैं
ओ परदेस को जाने वाले, लौट के फिर ना आने वाले
सात समुंदर पार गया तू, हमको ज़िंदा मार गया तू
खून के रिश्ते तोड़ गया तू, आँख में आँसू छोड़ गया तू
कम खाते हैं कम सोते हैं, बहुत ज़्यादा हम रोते हैं, चिट्ठी …

सूनी हो गईं शहर की गलियाँ, कांटे बन गईं बाग की कलियाँ
सूनी हो गईं शहर की गलियाँ, कांटे बन गईं बाग की कलियाँ
कहते हैं सावन के झूले, भूल गया तू हम नहीं भूले
तेरे बिन जब आई दीवाली, दीप नहीं दिल जले हैं खाली
तेरे बिन जब आई होली, पिचकारी से छूटी गोली
पीपल सूना पनघट सूना घर शमशान का बना नमूना
पीपल सूना पनघट सूना घर शमशान का बना नमूना
फ़सल कटी आई बैसाखी, तेरा आना रह गया बाकी, चिट्ठी …

पहले जब तू ख़त लिखता था कागज़ में चेहरा दिखता था
पहले जब तू ख़त लिखता था कागज़ में चेहरा दिखता था
बंद हुआ ये मेल भी अब तो, खतम हुआ ये खेल भी अब तो
डोली में जब बैठी बहना, रस्ता देख रहे थे नैना
डोली में जब बैठी बहना, रस्ता देख रहे थे नैना
मैं तो बाप हूँ मेरा क्या है, तेरी माँ का हाल बुरा है
तेरी बीवी करती है सेवा, सूरत से लगती हैं बेवा
तूने पैसा बहुत कमाया, इस पैसे ने देश छुड़ाया
पंछी पिंजरा तोड़ के आजा, देश पराया छोड़ के आजा
आजा उमर बहुत है छोटी, अपने घर में भी हैं रोटी, चिट्ठी ..

जाने कैसे कब कहाँ इकरार हो गया

जाने कैसे कब कहाँ इक़रार हो गया
हम सोचते ही रह गए और प्यार हो गया
हम सोचते ही रह गए और प्यार हो गया

गुलशन बनीं गलियाँ सभी
फूल बन गए कलियाँ सभी
फूल बन गए कलियाँ सभी

लगता है मेरा सेहरा तय्यार हो गया
हम सोचते …

तुमने हमे बेबस किया
दिल ने हमे धोखा दिया
उफ़ तौबा जीना कितना दुश्वार हो गया
हम सोचते …

हम चुप रहे कुछ न कहा
कहने को क्या बाक़ी रहा
बस आँखों ही आँखों में इक़रार हो गया

जब दर्द नहीं था सीने में 

न हँसना मेरे ग़म पे इंसाफ़ करना
जो मैं रो पड़ूँ तो मुझे माफ़ करना

जब दर्द नहीं था सीने में
क्या ख़ाक मज़ा था जीने में
अब के शायद हम भी रोयें सावन के महीने में
जब दर्द नहीं था …

यारो का ग़म क्या होता है
मालूम न था अन्जानों को
साहिल पे खड़े होकर अक़्सर
देखा हमने तूफ़ानों को
अब के शायद दिल भी डूबे
मौजों के सफ़ीने में
जब दर्द नहीं था …

ऐसे तो ठेस न लगती थी
जब अपने रूठा करते थे
ऐसे तो दर्द न होता था
जब सपने टूटा करते थे
अब के शायद दिल भी टूटे
अब के शायद हम भी रोयें सावन के महीने में
जब दर्द नहीं था …

इस क़दर प्यार तो कोई करता नहीं
मरने वालों के साथ कोई मरता नहीं
आप के सामने मैं न फिर आऊँगा
गीत ही जब न होंगे तो क्या गाऊँगा
मेरी आवाज़ प्यारी है तो दोस्तों
यार बच जाये मेरा दुआ सब करो
दुआ सब करो

चंदा है तू मेरा सूरज है तू 

चंदा है तू, मेरा सूरज है तू
ओ मेरी आँखों का तारा है तू
चंदा है तू, मेरा सूरज है तू
ओ मेरी आँखों का तारा है तू
चंदा है तू, मेरा सूरज है तू
ओ मेरी आँखों का तारा है तू
जीती हूँ मैं बस तुझे देखकर
इस टूटे दिल का सहारा है तू

तू खेले खेल कई, मेरा खिलोना है तू
तू खेले खेल कई, मेरा खिलोना है तू
जिससे बँधी हर आशा मेरी
मेरा वो सपना सलोना है तू
नन्हा सा है कितना सुंदर है तू
छोटा सा है कितना प्यारा है तू
चंदा है तू, मेरा सूरज है तू

मुन्ने तू खुश है बड़ा, तेरे गुड्डे की शादी है आज
मुन्ने तू खुश है बड़ा, तेरे गुड्डे की शादी है आज
मैं वारी रे मैं बलिहारी रे
घूँघट में गुड़िया को आती है लाज
यूँही कभी होगी शादी तेरी
दूल्हा बनेगा कुंवारा है तू
चंदा है तू, मेरा सूरज है तू

पुर्वाई वन में उड़े, पंछी चमन में उड़े
पुर्वाई वन में उड़े, पंछी चमन में उड़े
राम करे कभी हो के बड़ा
तू बनके बादल गगन में उड़े
जो भी तुझे देखे वो ये कहे
किस माँ का ऐसा दुलारा है तू
चंदा है तू, मेरा सूरज है तू

एक अजनबी, हसीना से, यूँ मुलाकात, हो गई 

एक अजनबी, हसीना से, यूँ मुलाकात, हो गई
फिर क्या हुआ, ये ना पूछो, कुछ ऐसी बात, हो गई
एक अजनबी …

वो अचानक आ गई, यूँ नज़र के सामने
जैसे निकल आया घटा से चाँद
चेहरे पे ज़ुल्फ़ें, बिखरी हुई थीं
दिन में रात हो गई
एक अजनबी …

जान-ए-मन जान-ए-जिगर, होता मैं शायर अगर
कहता ग़ज़ल तेरी अदाओं पर
मैं ने ये कहा तो, मुझसे ख़फ़ा वो
जान-ए-हयात हो गई
एक अजनबी …

खूबसूरत बात ये, चार पल का साथ ये
सारी उमर मुझको रहेगा याद
मैं अकेला था मगर, बन गई वो हमसफ़र
वो मेरे साथ हो गई
एक अजनबी …

और क्या अहद-ए-वफ़ा होते हैं

और क्या अहद-ए-वफ़ा होते हैं
लोग मिलते हैं जुदा होते हैं

कब बिछड़ जाये हमसफ़र ही तो है
कब बदल जाये इक नज़र ही तो है
जान-ओ-दिल जिसपे फ़िदा होते हैं
और क्या अहद-ए-वफ़ा होते हैं …

बात निकली थी इस ज़माने की
जिसको आदत है भूल जाने की
आप क्यों हमसे खफ़ा होते हैं
और क्या अहद-ए-वफ़ा होते हैं …

जब रुला लेते हैं जी भर के हमें
जब सता लेते हैं जी भर के हमें
तब कहीं खुश वो ज़रा होते हैं
और क्या अहद-ए-वफ़ा होते हैं …

किस लिये मैंने प्यार किया

किस लिये मैं ने प्यार किया
दिल को यूँही बेक़रार किया
शाम सवेरे तेरी राह देखी
रात दिन इंतज़ार किया
किस लिये मैं ने प्यार किया
दिल को यूँही बेक़रार किया
शाम सवेरे तेरी राह देखी
रात दिन इंतज़ार किया

आँखों में मैं ने काजल डाला
माथे पे बिंदिया लगाई
ऐसे में तू आ जाए तो
क्या हो, राम दुहाई
छुप के मुंह में अर्मानों ने
ली कैसी अंगड़ाई
कोई देखे तो क्या समझे
हो जाए रुस्वाई
मैं ने क्यों सिंग़ार किया
दिल को यूँ बेक़रार किया
शाम सवेरे तेरी राह देखी
रात दिन इंतज़ार किया, हो…
किस लिये मैं ने प्यार किया

आज वो दिन है, जिसके लिये मैं
तड़पी बनके राधा
आज मेरे मन की बचैनी
बड़ गई और ज़्यादा
प्यार में धोका न खा जाए
ये मन सीधा-सादा
ऐसा न हो झूठा निकले
आज मिलन का वादा
मैं ने क्यों ऐतबार किया

दिल को यूँही बेक़रार किया
शाम सवेरे तेरी राह देखी
रात दिन इंतज़ार किया, हो…
किस लिये मैं ने प्यार किया
दिल को यूँही बेक़रार किया
शाम सवेरे तेरी राह देखी
रात दिन इंतज़ार किया, हो…
किस लिये मैं ने प्यार किया

आया सावन झूम के

र : बदरा हो बदरा छाए कि झूले पड़ गए हाय
कि मेले लग गए मच गई धूम रे
कि आया सावन हो झूम के

ल : बदरा हो बदरा छाए कि झूमे पर्वत हाय
रे कजरारी बदरिया को चूम रे
कि आया सावन हो झूम के कि आया सावन झूम के
काहे सामने सबके बालमवा तू छेड़े जालमवा

र: काहे फेंके नज़र की डोरी तू लुक-छुप के गोरी

ल : कजरा हो कजरा हाय रे बैरी बिखरा जाए रे
मेरा कजरा कि मच गई धूम रे
कि आया सावन झूम …

र : जाने किसको किसकी याद आई के चली पुरवाई

ल : जाने किस बिरहन का मन तरसा के पानी बरसा

र : कंगना हो कंगना लाए कि घर लौट के आए
परदेसी बिदेसवा से घूम के
कि आया सावन …

ल : तेरे सेहरे की हैं ये लड़ियाँ कि सावन की झड़ियाँ

र : ये हैं मस्त घटाओँ की टोली कि तेरी है डोली

ल : धड़का जाए धड़का जाए रे मेरा मनवा हाय
साजनवा कि मच गई धूम रे

को : कि आया सावन …

आते जाते खूबसूरत आवारा सड़कों पे 

आते जाते खूबसूरत आवारा सड़कों पे
कभी कभी इत्तेफ़ाक़ से
कितने अंजान लोग मिल जाते हैं
उन में से कुछ लोग भूल जाते हैं
कुछ याद रह जाते हैं

आवाज़ की दुनिया के दोस्तों
कल रात इसी जगह पे मुझको
किस क़दर ये हसीं ख़याल मिला है
राह में इक रेशमी रुमाल मिला है
जो गिराया था किसी ने जान कर
जिस का हो ले वो जाये पहचान कर
वरना मैं रख लूँगा उस को अपना जान कर
किसी हुस्न-वाले की निशानी मान कर, निशानी मान कर
हँसते गाते लोगों की बातें ही बातें में
कभी कभी इक मज़ाक से कितने जवान किस्से बन जाते हैं
उन किस्सों में चन्द भूल जाते हैं
चन्द याद रह जाते हैं
उन में से कुछ लोग …

तक़दीर मुझ पे महरबान है
जिस शोख की ये दास्तान है
उस ने भी शायद ये पैग़ाम सुना हो
मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो
दूर बैठी ये राज़ वो जान ले
मेरी आवाज़ को पहचान ले
काश फिर कल रात जैसी बरसात हो
और मेरी उस की कहीं मुलाक़ात हो
लम्बी लम्बी रातों में नींद नहीं जब आती
कभी कभी इस फ़िराक़ से कितने हसीं ख़्वाब बन जाते हैं
उन में से कुछ ख़्वाब भूल जाते हैं
कुछ याद रह जाते हैं
उन में से कुछ लोग …

आया आया अटरिया पे कोई चोर

आया आया अटरिया पे कोई चोर
आया आया अटरिया पे कोई चोर
आया आया अटरिया पे कोई चोर
ओ भाभी आना ज़रा दीपक जलाना
ओ भाभी आना ज़रा दीपक जलाना
देखो बलम हैं या कोई और
डर गई मैं के मर गई मैं
के आया आया अटरिया पे कोई चोर
देखो बलम हैं या कोई और
डर गई मैं के मर गई मैं
के आया आया अटरिया पे कोई चोर

मन ऊपर नीचे, खिड़की के पीछे, अँखियों के नीछे
बैठी मैं सोचूँ साँवरी, फिर का करूँ मैं बावरी
बैरी बलम हो तो चुप रहूँ मैं
बैरी बलम हो तो चुप रहूँ मैं
दूजा कोई हो मचा दूँ मैं शोर
आया आया …

धोखा खाया है, जी घबराया है, कोई आया है
नैनों में नैन जब गए, आंगन में कंगन बज गए
मैं नाची ऐसे, कठपुतली जैसे
ना जाने खेंची है किसने डोर
आया आया …

सौ मतदारी, कारी कजरारी, सैंया मैं हारी
देता दिखाई कुछ नहीं, छुप ना गया हो वो कहीं
घर में छिपा तो जाएगा पकड़ा
घर में छिपा तो जाएगा पकड़ा
मन में छिपा तो फिर क्या है ज़ोर
आया आया …

इश्क बिना क्या मरना यारों

इश्क़ बिना क्या मरना यारो इश्क़ बिना क्या जीना
गुड़ से मीठा इश्क़-इश्क़
इमली से खट्टा इश्क़
वादा ये पक्का इश्क़-इश्क़
धागा ये कच्चा इश्क़
इश्क़ बिना क्या जीना यारो इश्क़ बिना क्या मरना यारो

नीचे इश्क़ है ऊपर रब है इन दोनों के बीच में सब है
एक नहीं सब बातें कर लो सौ बातों का एक मतलब है
रब सबसे सोना इश्क़-इश्क़
रब से भी सोना इश्क़
हीरा ना पन्ना इश्क़-इश्क़
बस एक तमन्ना इश्क़-इश्क़

इश्क़ है क्या ये किसको पता ये इश्क़ है क्या सबको पता
ये प्रेम-नगर अंजान डगर साजन का घर क्या किसको ख़बर
छोटी सी उमर ये लम्बा सफ़र ये इश्क़ है क्या ये किसको पता
ये दर्द है या दर्दों की दवा ये कोई सनम या आप ख़ुदा
तुम ने इश्क़ का नाम सुना है हम ने इश्क़ किया है
फूलों का गुलशन इश्क़-इश्क़
काँटों का दामन इश्क़
इश्क़-इश्क़ इश्क़-इश्क़ इश्क़-इश्क़ इश्क़-इश्क़

किसी के इश्क़ के वादे कहीं हम तोड़ आये हैं
मगर ये दिल ये जाँ शायद वहीं हम छोड़ आये हैं
इश्क़ बिना इश्क़ बिना
इश्क़ बिना क्या जीना यारा इश्क़ बिना क्या मरना
इश्क़ बिना क्या जीना यारा इश्क़ बिना क्या मरना
इश्क़-इश्क़ इश्क़-इश्क़
गुड़ से मीठा
इमली से खट्टा
वादा ये पक्का
धागा ये कच्चा इश्क़
गुड़ से मीठा इश्क़
इमली से खट्टा इश्क़
वादा ये पक्का इश्क़
धागा ये कच्चा इश्क़

इस से पहले इस रस्ते में कितने ही महबूब गये हैं
रस्ते में दरिया है कोई
रस्ते में दरिया है कोई जिस में सारे डूब गये हैं
फल सब से सच्चा
हर झूठ से झूठा
वादा ये पक्का
धागा ये कच्चा

इश्क़ बिना मैं इश्क़ बिना इश्क़ बिना इश्क़ बिना
इश्क़ बिना क्या जीना यारो इश्क़ बिना क्या मरना यारो
इश्क़ बिना इश्क़ बिना इश्क़ बिना इश्क़ बिना
इश्क़ बिना क्या जीना यारो इश्क़ बिना क्या मरना यारो

आप का ख़त मिला आप का शुक्रिया

आप का खत मिला आप का शुक्रिया
आप ने याद मुझ को किया, शुक्रिया, शुक्रिया
आप का खत मिला, शुक्रिया, शुक्रिया
आप ने याद मुझ को किया, शुक्रिया, शुक्रिया

प्यार में याद करना ही काफ़ी नहीं
प्यार में याद करना ही काफ़ी नहीं
आप की भूल क़ाबिल-ए-माफ़ी नहीं
कि रूठ जायेंगे हम, फिर मनाना सनम
यूँ कटा आप बिन एक छोटा-सा दिन
जैसे इक साल था
दिल का वो हाल था
आप को क्या ख़बर, क्या है दर्द-ए-जिगर
बस फ़साना कोई, इक बहाना कोई
लिख के काग़ज़ पे भेज दिया
शुक्रिया, शुक्रिया

आप लिखते हैं मिलने की फ़ुर्सत नहीं
आप लिखते हैं मिलने की फ़ुर्सत नहीं
छोड़िये बेरुखी है ये उल्फ़त नहीं
हम को था इन्तज़ार दिल रहा बेक़रार
शाम तक हम रहे रास्ता देखते
थक गयी जब नज़र तब मिली ये ख़बर
आप आये नहीं
काम था कुछ कहीं
पर हमें ग़म नहीं
ये भी कुछ कम नहीं
दिल के बदले लिफ़ाफ़ा मिला
शुक्रिया, शुक्रिया

आदमी मुसाफ़िर है

आदमी मुसाफ़िर है आता है जाता है
आते-जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है

झोंका हवा का पानी का रेला
झोंका हवा का पानी का रेला
मेले में रह जाए जो अकेला
मेले में रह जाए जो अकेला
वो फिर अकेला ही रह जाता है
आदमी मुसाफ़िर है …

क्या साथ लाए क्या छोड़ आए
रस्ते में हम क्या छोड़ आए
मंज़िल पे जा के ही याद आता है
आदमी मुसाफ़िर है …

जब डोलती है जीवन की नैया
कोई तो बन जाता है खिवैया
कोई किनारे पे ही डूब जाता है
आदमी मुसाफ़िर है …

रोती है आँख जलता है ये दिल
जब अपने घर के फेंके दिये से
आँगन पराया जगमगाता है
आदमी मुसाफ़िर है …

आने से उसके आए बहार

आने से उसके आये बहार, जाने से उसके जाये बहार
बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा
मेरी ज़िन्दगानी है मेरी महबूबा…

गुनगुनाए ऐसे जैसे बजते हों घुंघरू कहीं पे
आके पर्वतों से, जैसे गिरता हो झरना ज़मीं पे
झरनो की मौज है वो, मौजों की रवानी है मेरी महबूबा

इस घटा को मैं तो उसकी आँखों का काजल कहूँगा
इस हवा को मैं तो उसका लहराता आँचल कहूँगा
हूरों की मलिका है परियों की रानी है मेरी महबूबा

बीत जाते हैं दिन, कट जाती है आँखों में रातें
हम ना जाने क्या क्या करते रहते हैं आपस में बातें
मैं थोड़ा दीवाना, थोड़ी सी दीवानी है मेरी महबूबा

बन संवर के निकले आए सावन का जब जब महीना
हर कोई ये समझे होगी वो कोई चंचल हसीना
पूछो तो कौन है वो, रुत ये सुहानी है, मेरी महबूबा

आदमी जो सुनता है, आदमी जो कहता है

कभी सोचता हूँ, कि मैं चुप रहूँ
कभी सोचता हूँ, कि मैं कुछ कहूँ

आदमी जो सुनता है, आदमी जो कहता है
ज़िंदगी भर वो सदाएँ पीछा करती हैं
आदमी जो देता है, आदमी जो करता है
रास्ते मे वो दुआएँ पीछा करती हैं

कोई भी हो हर ख़्वाब तो अच्छा नहीं होता
बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता है
कभी दामन छुड़ाना हो, तो मुश्किल हो
प्यार के रस्ते छूटे तो, प्यार के रिश्ते टूटे तो
ज़िंदगी भर फिर वफ़ाएँ पीछा करती हैं …

कभी कभी मन धूप के कारण तरसता है
कभी कभी फिर दिल में, सावन बरसता है
प्यास कभी बुझती नहीं, इक बूँद भी मिलती नहीं
और कभी रिम झिम घटाएँ पीछा करती हैं …

इस दुनिया में प्रेमग्रंथ जब लिक्खा जाएगा

आ आ हो आ प्रेमग्रंथ
इस दुनिया में प्रेमग्रंथ जब लिखा जाएगा
तेरा मेरा हो तेरा मेरा हो तेरा मेरा नाम सबसे ऊपर आएगा
इस दुनिया में …

बंद कली से फूल बनी मैं आज पिया ने अंग लगाया
गोरी के कोरे मुखड़े पर प्रेम ने अपना रंग लगाया
अब मैं सजनी तू मेरा साजन कहलाएगा
इस दुनिया में …

एक अनोखी अनजानी सी मेरे मन में प्यास जगी है
बाहर है फूलों का मौसम दिल के अंदर आग लगी है
अपने प्यार का सावन अब ये आग बुझाएगा
इस दुनिया में …

रोक सके तो रोक ले दुनिया रुकने वाली बात नहीं है
ये कोई तूफ़ान नहीं है ये कोई बरसात नहीं है
ये है प्यार का जादू ये जादू चल जाएगा
इस दुनिया में …

ओ फिरकी वाली

ओ फिरकी वाली तू कल फिर आना नहीं फिर जाना तू अपनी जुबान से
कि तेरे नैना हैं ज़रा बेईमान से
ओ मतवाली ये दिल क्यों तोड़ा ये तीर काहे छोड़ा नज़र की कमान से
कि मर जाऊँगा मैं बस मुस्कान से
ओ फिरकी वाली …

पहले भी तूने इक रोज़ ये कहा था
पहले भी तूने इक रोज़ ये कहा था
आऊँगी तू ना आई
वादा किया था सैंया बन के बदरिया
छाऊँगी तू ना छाई
मेरे प्यासे
मेरे प्यासे
नैना तरसे तू निकली ना घर से
कैसे बीती वो रात सुहानी तू सुन ले कहानी ये सारे जहान से
कि तेरे नैना हैं …

सोचा था मैने किसी रोज़ गोरी हँस के
सोचा था मैने किसी रोज़ गोरी हँस के
बोलेगी तू ना बोली
मेरी मोहब्बत भरी बातें सुन\-सुन के
डोलेगी तू ना डोली
ओ सपनों में
ओ सपनों में
आने वाली रुक जा जाने वाली
किया तूने मेरा दिल चोरी ये पूछ ले गोरी ज़मीं आसमान से
कि तेरे नैना हैं …

काँची रे काँची रे

काँची रे काँची रे, प्रीत मेरी साँची
रुक जा न जा दिल तोड़ के

झूठा है ये गुस्सा तेरा सच्चा नहीं
सच्चे प्रेमी को तड़पाना अच्छा नहीं
वापस ना आऊंगा मैं जो चला जाऊंगा
ये तेरी गलियाँ छोड़ के, ए ए …

तेरे हाथों में है मेरी डोरी जैसे
कच्चे धागे से मैं बंधा आया ऐसे
मुश्किल है जीना, देदे ओ हसीना
वापस मेरा दिल मोड़के, ए ए …

काँचा रे काँचा रे, प्यार मेरा साँचा
रुक जा ना जा दिल तोड़ के

रंग तेरे में ये तन रंग लिया
तन क्या है मैने मन रंग लिया
बस चुप ही रहना, अब फिर ना कहना
रुक जा ना जा दिल तोड़ के, ए ए …

घर आजा परदेशी तेरा देश बुलाए रे

हो कोयल कूके हूक उठाए यादों की बंदूक चलाए
बागों में झूलों के मौसम वापस आए रे
घर आजा परदेसी तेरा देस बुलाए रे
घर आजा परदेसी …

इस गांव की अनपढ़ मिट्टी पढ़ नहीं सकती तेरी चिट्ठी
ये मिट्टी तू आकर चूमे तो इस धरती का दिल झूमे
माना तेरे हैं कुछ सपने पर हम तो हैं तेरे अपने
भूलने वाले हमको तेरी याद सताए रे
घर आजा परदेसी …

पनघट पे आई मुटियारें छम छम पायल की झनकारें
खेतों में लहराई सरसों कल परसों में बीते बरसों
आज ही आजा गाता हँसता तेरा रस्ता देखे रस्ता
अरे छुक छुक गाड़ी की सीटी आवाज़ लगाए रे
घर आजा परदेसी …

हाथों में पूजा की थाली आई रात सुहागों वाली
ओ चाँद को देखूं हाथ मैं जोड़ूं करवा चौथ का व्रत मैं तोड़ूं
तेरे हाथ से पीकर पानी दासी से बन जाऊं रानी
आज की रात जो मांगे कोई वो पा जाए रे
घर आजा परदेसी …

ओ मन मितरा ओ मन मीता वे तेनूं रब दे हवाले कीता

दुनिया के दस्तूर हैं कैसे पागल दिल मजबूर है कैसे
अब क्या सुनना अब क्या कहना तेरे मेरे बीच ये रैना
खत्म हुई ये आँख मिचौली कल जाएगी मेरी डोली
मेरी डोली मेरी अर्थी न बन जाए रे
घर आजा परदेसी …

ओ माही वे ओ चनवे वे जिंदवा ओ सजना

खिलौना जानकर तुम तो 

हो …
खिलौना, जानकर तुम तो, मेरा दिल तोड़ जाते हो
मुझे इस, हाल में किसके सहारे छोड़ जाते हो
खिलौना …

मेरे दिल से ना लो बदला ज़माने भर की बातों का
ठहर जाओ सुनो मेहमान हूँ मैं चँद रातों का
चले जाना अभी से किस लिये मुह मोड़ जाते हो
खिलौना …

गिला तुमसे नहीं कोई, मगर अफ़सोस थोड़ा है
के जिस ग़म ने मेरा दामन बड़ी मुश्किल से छोड़ा है
उसी ग़म से मेरा फिर आज रिश्ता जोड़ जाते हो
खिलौना …

खुदा का वास्ता देकर मनालूँ दूर हूँ लेकिन
तुम्हारा रास्ता मैं रोक लूँ मजबूर हूँ लेकिन
के मैं चल भी नहीं सकता हूँ और तुम दौड़ जाते हो
हो, खिलौना …

ओम शांति ओम, शांति शांति ओम

हे, तुमने कभी किसी से प्यार किया?
– किया!
कभी किसी को दिल दिया?
– दिया!
मैं ने भी दिया

ला ल ला ला, ला ल ला ला
मेरी उमर के नौजवानों
दिल न लगाना ओ दीवानों
मैं ने, प्यार कर के चैन खोया, नींद खोयी
अरे झूठ तो कहते नहीं हैं
कहते नहीं हैं लोग कोई
प्यार से बढ़कर नहीं है
बढ़कर नहीं है रोग कोई
चलता नहीं है दिल दे के यारो, इस दिल पे जोर कोई
इस रोग का नहीं है इलाज दुनिया में और कोई
तो गाओ –
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम

मैं ने किसी को दिल दे के कर ली
रातें खराब देखो
आया नहीं अभी तक उधर से
कोई जवाब देखो
वो न कहेंगी तो ख़ुद्कुशी सी कर जाऊँगा मैं यारो
वो हाँ कहेंगी तो भी खुशी से मर जाऊँगा मैं यारो
सिंग!
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम

जो छुप गया है पहली नज़र का पहला सलाम लेकर
हर एक साँस लेता हूँ अब मैं उसका ही नाम लेकर
मेरे हज़ारो दीवानों मैं अब खुद बन गया दीवाना
जिस वक़्त प्यार तुमपे आ जाये तो ये गीत गाना
सिंग!
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम

मेरी उमर के नौजवानों …
ओम शान्ति ओम, शान्ति शान्ति ओम …

ये जो चिलमन है दुश्मन है हमारी 

ये जो चिलमन है दुश्मन है हमारी
ये जो चिलमन है दुश्मन है हमारी
बड़ी शर्मीली, बड़ी शर्मीली दुल्हन है हमारी

दूसरा और कोई यहाँ क्यूँ रहे
दूसरा और कोई यहाँ क्यूँ रहे
हुस्न और इश्क़ के दरमियां क्यूँ रहे
दरमियां क्यूँ रहे
ये यहाँ क्यूँ रहे
हाँ जी हाँ क्यूँ रहे
ये जो आँचल है शिकवा है हमारा
क्यूँ छुपता है चेहरा ये तुम्हारा
ये जो …

कैसे दीदार-ए-आशिक़ तुम्हारा करे
रूखे रोशन का कैसे नज़ारा करे
हाँ नज़ारा करे
हो इशारा करे
हाँ पुकारा करे
ये जो गेसू हैं बादल हैं क़सम से
कैसे बिखरे है गालों पे सनम के
ये जो …

रुख से परदा ज़रा जो सरकने लगा
उफ़ ये कम्बख्त दिल क्यूँ मचलने लगा
क्यूँ मचलने लगा
क्यूँ मचलने लगा
हाँ तड़पने लगा
ये जो …

सच्चाई छुप नहीं सकती 

हाँ …, सच्चाई छुप नहीं सकती, बनावट के उसूलों से
कि खुशबू आ नहीं सकती, कभी कागज़ के फूलों से

मैं इन्तज़ार करूँ, ये दिल निसार करूँ
मैं तुझसे प्यार करूँ, ओ मगर कैसे ऐतबार करू?
झूठा है तेरा वादा!
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

तुम्हारी ज़ुल्फ़ है या, सड़क का मोड़ है ये?
तुम्हारी आँख है या, नशे का तोड़ है ये?
कहा कब क्या किसी से, तुम्हें कुछ याद नहीं
हमारे सामने है, हमारे बाद नहीं
किताब-ए-हुस्न में तो, वफ़ा का नाम नहीं, अरे!
मोहब्बत तुम करोगी? तुम्हारा काम नहीं!
मोहब्बत तुम करोगी? तुम्हारा काम नहीं!
अकड़ती खूब हो तुम, मेरी महबूब हो तुम
अकड़ती खूब हो तुम, मेरी महबूब हो तुम
निगाह-ए-गैर से भी, मगर मनसूब हो तुम
किसी शायर से पूछो, गज़ल हो या रुबाई
भरी है शायरी में, तुम्हारी बेवफ़ाई
हो! दामन में तेरे फूल हैं कम, और काँटें हैं ज़्यादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

तराने जानती है, फ़साने जानती है
कई दिल तोड़ने के, बहाने जानती है
कहीं पे सोज़ है तू, कहीं पे साज़ है तू
जिसे समझा ना कोई, वही एक राज़ है तू
कभी तू रूठ बैठी, कभी तू मुस्कराई, अरे!
किसी से की मोहब्बत, किसी से बेवफ़ाई!
किसी से की मोहब्बत, किसी से बेवफ़ाई!
उड़ाए होश तौबा, तेरी आँखें शराबी
उड़ाए होश तौबा, तेरी आँखें शराबी
ज़माने में हुई है, इन्हीं से हर खराबी
बुलाए छाँव कोई, पुकारे धूप कोई
तेरा हो रंग कोई, तेरा हो रूप कोई
हो! कुछ फर्क नहीं नाम तेरा, रज़िया हो या राधा!!
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

रुक जा ऐ दिल दीवाने 

रुक जा ऐ दिल दीवाने, पूछूँ तो मैं ज़रा
लड़की है या है जादू, खुशबू है या नशा
पास वो आये तो, छूके मैं देखूं ज़रा
रुक जा …

देखे वो इधर, हँसके बेखबर
थाम के दिल हम खड़े हैं
गुम-सुम सी नज़र, उसकी है मगर
होंठों पे शिक़वे बड़े हैं
बात बन जाये तो, मैं बात छेड़ूँ ज़रा
रुक जा …

शरमा वो गयी, घबरा वो गयी
मैं ने जो उसको पुकारा
ये दिल ले लिया, उसने कर दिया
आँखों ही आँखों में इशारा
जान भी जाये तो ग़म मैं करूँ न ज़रा
रुक जा …

महफ़िल में हसीं, तू ही तो नहीं
रूठी तू किस लिये अकेली
जिसपे यूँ फ़िदा, ये दिल हो गया
वो तो है तेरी इक सहेली
मान वो जाये तो, बाहों में ले लूँ ज़रा
रुक जा …

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे
तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ ना छोडेंगे

ऐ मेरी जीत तेरी जीत तेरी हार मेरी हार
सुन ऐ मेरे यार
तेरा ग़म मेरा ग़म तेरी जान मेरी जान
ऐसा अपना प्यार
खाना पीना साथ है, मरना जीना साथ है
खाना पीना साथ है, मरना जीना साथ है
सारी ज़िन्दगी
ये दोस्ती …

लोगों को आते हैं दो नज़र हम मगर
ऐसा तो नहीं
हों जुदा या ख़फ़ा ऐ खुदा दे दुआ
ऐसा हो नहीं
ज़ान पर भी खेलेंगे तेरे लिये ले लेंगे
ज़ान पर भी खेलेंगे तेरे लिये ले लेंगे
सबसे दुश्मनी

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे
तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ ना छोड़ेंगे

हमने सनम को ख़त लिखा

हमें बस ये पता है वो बहुत ही खूबसूरत है
लिफ़ाफ़े के लिये लेकिन पते की भी ज़रूरत है

हम ने सनम को ख़त लिखा, ख़त में लिखा
ऐ दिलरुबा, दिल की गली शहर-ए-वफ़ा
हम ने सनम को …

पहुँचे ये ख़त जाने कहाँ, जाने बने क्या दासताँ
उस पर रक़ीबों का ये डर, लग जाये उनके हाथ गर
कितना बुरा अंजाम हो, दिल मुफ़्त में बदनाम हो
ऐसा न हो, ऐसा न हो अपने ये रात दिन
हम ने सनम को …

पीपल का ये पत्ता नहीं, काग़ज़ का ये टुकड़ा नहीं
इस दिल के ये अरमान हैं, इस में हमारी जान है
ऐसा ग़ज़ब हो जाये न रस्ते में ये खो जाये न
हम ने बड़ी ताक़ीद की, डाला इसे जब डाक में
ये डाक बाबू से कहा
हम ने सनम को …

बरसों जवाब-ए-यार का, देखा किये हम रास्ता
एक दिन वो ख़त वापस मिला और डाकिये ने ये कहा
इस डाक खाने में नहीं, सारे ज़माने में नहीं
कोई सनम इस नाम का कोई गली इस नाम का
कोई शहर इस नाम का
हम ने सनम को …

हम दोनों दो प्रेमी दुनिया छोड़ चले

कि : हम दोनों दो प्रेमी दुनिया छोड़ चले
जीवन की हम सारी रस्में तोड़ चले

को : ऐ बाबू कहाँ जइबो रे

ल : हम दोनों दो प्रेमी दुनिया छोड़ चले
कि : जीवन की हम सारी रस्में तोड़ चले
जीवन की हम सारी रस्में तोड़ चले

ल : हो बाबुल की आए मोहे याद
जाने क्या हो अब इसके बाद
दो : हम दोनों दो प्रेमी …

कि : जाना कहाँ है बता उस शहर का नाम
ल : ले चल जहाँ तेरी मर्ज़ी ये तेरा है काम
कि : जाना कहाँ है बता उस शहर का नाम
ल : ले चल जहाँ तेरी मर्ज़ी ये तेरा है काम
कि : मुझपे है इतना ऐतबार
ल : मैने किया है तुझसे प्यार
ल : हम दोनों दो प्रेमी …
कि : जीवन की हम सारी …

कि : हे क्या सोच रही हो
ल : हूँ मैं
कि : हाँ-हाँ
ल : कुछ भी तो नहीं
कि : बोलो ना कुछ तो

ल : ऐसा ना हो तू कभी छोड़ दे मेरा साथ
कि : फिर न कभी कहना दिल तोड़ने वाली बात
ल : ऐसा ना हो तू कभी छोड़ दे मेरा साथ
कि : फिर न कभी कहना दिल तोड़ने वाली बात
ल : हो मैने तो की थी दिल्लगी
कि : अच्छा मैने भी की थी दिल्लगी
दो : हम दोनों दो प्रेमी …

सावन का महीना, पवन करे सोर 

सावन का महीना, पवन करे सोर
पवन करे शोर
पवन करे सोर
पवन करे शोर
अरे बाबा शोर नहीं सोर, सोर, सोर
पवन करे सोर

हाँ, जियरा रे झूमे ऐसे, जैसे बनमा नाचे मोर
हो सावन का महीना …

मौजवा करे क्या जाने, हमको इशारा
जाना कहाँ है पूछे, नदिया की धारा
मरज़ी है तुम्हारी, ले जाओ जिस ओर
जियरा रे झूमे ऐसे …

रामा गजब ढाए, ये पुरवइया
नइया सम्भालो कित, खोए हो खिवइया
पुरवइया के आगे, चले ना कोई ज़ोर
जियरा रे झूमे ऐसे …

जिनके बलम बैरी, गए हैं बिदेसवा
लाई है जैसे उनके, प्यार का सँदेसवा
काली अंधियारी, घटाएँ घनघोर
जियरा रे झूमे ऐसे …

मोरनी बागा मा बोले आधी रात मा

मोरनी बागा मा बोले आधी रातमा
छननछन चूड़ियां खनक गयी देख साहिबां
चूड़ियां खनक गयी हाथ मा

मैं तो लाज के मारे, हो गयी पानी पानी
सब लोगों ने सुन ली मेरी प्रेम कहानी
मुँहसे बात निकल गयी बात बात मा, बात बात मा
छननछन चूड़ियां खनक गयी देख साहिबां

जाने कौन घड़ी मैं निकले साजन घरसे
मैं घूँघट में जाऊं गयी कितने सावन बरसाए
मेरी प्यास ना बुझी रे बरसात मा, बरसात मा
छननछन चूड़ियां खनक गयी देख सहिबां …

सुनी सेज पे सैयाँ सारी रात मैं जागी
तेरे पीछे पीछे मेरी नींद तो भागी
मेरा चैन भी गया रे तेरे साथ मा
छननछन चूड़ियां खनक गयी देख साहिबां …

ओ मेरा नेहरा छूटे रे माएरी छाती फूटे ढोल
ओ ढोला मत जा जा जा
रे ढोला मत जा जा जा …

ये क्या हुआ, कैसे हुआ, कब हुआ

ये क्या हुआ, कैसे हुआ, कब हुआ –
अब क्या सुनाएं?

ये क्या हुआ, कैसे हुआ, कब हुआ,
क्यूँ हुआ, जब हुआ, तब हुआ
ये क्या हुआ, कैसे हुआ, कब हुआ,
क्यूँ हुआ, जब हुआ, तब हुआ
ओ छोड़ो, ये ना सोचो, ये क्या हुआ…

हम क्यूँ, शिकवा करें झूठा, क्या हुआ जो दिल टूटा
हम क्यूँ, शिकवा करें झूठा, क्या हुआ जो दिल टूटा
शीशे का खिलौना था, कुछ ना कुछ तो होना था, हुआ
ये क्या हुआ…

ऐ दिल, चल पीकर झूमें, इन्हीं गलियों में घूमें
ऐ दिल, चल पीकर झूमें, इन्हीं गलियों में घूमें
यहाँ तुझे खोना था, बदनाम होना था, हुआ
ये क्या हुआ…

हमने जो, देखा था सुना था, क्या बताऐं वो क्या था
हमने जो, देखा था सुना था, क्या बताऐं वो क्या था
सपना सलोना था, खत्म तो होना था, हुआ
ये क्या हुआ…

ये दिल, दीवाना, दीवाना है ये दिल

ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दीवाने ने मुझको भी कर डाला दीवाना
मैने उसके शहर को छोड़ा उसकी गली ये दिल को तोड़ा
फिर भी सीने में धड़कता है ये दिल
मैने दिल से उसे निकाला जो ना करना था कर डाला
फिर भी याद उसे ही करता है ये दिल
ये दिल दीवाना …

दिल की खता भी है क्या मुझको गिला भी है क्या
आशिक़ है ये चोर नहीं है मैं क्या करूं
दिल पे मेरा जोर नहीं है मैं क्या करूं
ये दिल दीवाना …

दिल कैसा बेपीर है वो एक तस्वीर है
मैं कहता हूँ तोड़ दे कहता है ज़ंजीर है
कोई कच्ची डोर नहीं है मैं क्या करूं
दिल पे मेरा जोर नहीं है मैं क्या करूं
ये दिल दीवाना …

याद आ रही है, तेरी याद आ रही है

याद आ रही है, तेरी याद आ रही है
याद आने से, तेरे जाने से, जान जा रही है

पहले ये न जाना, तेरे बाद ये जाना प्यार में
जीना मुश्किल कर देगा, ये दिल दीवाना प्यार में
जाने कैसे, साँस ये ऐसे, आ जा रही है
याद आ रही है …

ये रुत की रंगरलियां, ये फूलों की गलियां रो पड़ीं
मेरा हाल सुना तो, मेरे साथ ये कलियां रो पड़ीं
एक नहीं तू, दुनिया आँसू, बरसा रही है
याद आ रही है …

बनते बनते दुल्हन, प्रीत हमारी उलझन बन गई
मेरे दिल की धड़कन, मेरी जान की दुश्मन बन गई
कुछ कह कहके, मुझे रह रहके, तड़पा रही है
याद आ रही है …

एक था गुल और एक थी बुलबुल

एक था गुल और एक थी बुलबुल
एक था गुल और एक थी बुलबुल
दोनो चमन में रहते थे
है ये कहानी बिलकुल सच्ची
मेरे नाना कहते थे
एक था गुल और …

बुलबुल कुछ ऐसे गाती थी
जैसे तुम बातें करती हो
वो गुल ऐसे शर्माता था
जैसे मैं घबरा जाता हूँ
बुलबुल को मालूम नही था
गुल ऐसे क्यों शरमाता था
वो क्या जाने उसका नगमा
गुल के दिल को धड़काता था
दिल के भेद ना आते लब पे
ये दिल में ही रहते थे
एक था गुल और …

लेकिन आखिर दिल की बातें
ऐसे कितने दिन छुपती हैं
ये वो कलियां है जो इक दिन
बस काँटे बनके चुभती हैं
इक दिन जान लिया बुलबुल ने
वो गुल उसका दीवाना है
तुमको पसन्द आया हो तो बोलूं
फिर आगे जो अफ़साना है

इक दूजे का हो जाने पर
वो दोनो मजबूर हुए
उन दोनो के प्यार के किस्से
गुलशन में मशहूर हुए
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
वो दोनो ये कहते थे
एक था गुल और …

फिर इक दिन की बात सुनाऊं
इक सय्याद चमन में आया
ले गये वो बुलबुल को पकड़के
और दीवाना गुल मुरझाया
और दीवाना गुल मुरझाया
शायर लोग बयां करते हैं
ऐसे उनकी जुदाई की बातें
गाते थे ये गीत वो दोनो
सैयां बिना नही कटती रातें
सैयां बिना नही कटती रातें
मस्त बहारों का मौसम था
आँख से आंसू बहते थे
एक था गुल और …

आती थी आवाज़ हमेशा
ये झिलमिल झिलमिल तारों से
जिसका नाम मुहब्बत है वो
कब रुकती है दीवारों से
इक दिन आह गुल-ओ-बुलबुल की
उस पिंजरे से जा टकराई
टूटा पिंजरा छूटा कैदी
देता रहा सय्याद दुहाई
रोक सके ना उसको मिलके
सारा ज़मान सारी खुदाई
गुल साजन को गीत सुनाने
बुलबुल बाग में वापस आए

याद सदा रखना ये कहानी
चाहे जीना चाहे मरना
तुम भी किसी से प्यार करो तो
प्यार गुल-ओ-बुलबुल सा करना
प्यार गुल-ओ-बुलबुल सा करना
प्यार गुल-ओ-बुलबुल सा करना
प्यार गुल-ओ-बुलबुल सा करना

एक बंजारा गाए, जीवन के गीत सुनाए

एक बंजारा गाए, जीवन के गीत सुनाए
हम सब जीने वालों को जीने की राह बताए

ज़माने वालो किताब-ए-ग़म में
खुशी का कोई फ़साना ढूँढो
हो ओ ओ ओ … आँखों में आँसू भी आए
वो आकर मुस्काए

सभी को देखो नहीं होता है
नसीबा रौशन सितारों जैसा
सयाना वो है जो पतझड़ में भी
सजा ले गुलशन बहारों जैसा
हो ओ ओ ओ … कागज़ के फूलों को भी
जो महका कर दिखलाए

ओ माँ तुझे सलाम 

जो गिर गया इस जहाँ की नज़र से
देखो उसे कभी इक माँ की नज़र से

ओ माँ तुझे सलाम
अपने बच्‍चे तुझको प्‍यारे रावण हो या राम

बच्‍चे तुझे सताते हैं, बरसों तुझे रूलाते हैं
दूध तो क्‍या अँसुअन की भी क़ीमत नहीं चुकाते हैं
हँसकर माफ़ तू कर देती है उनके दोष तमाम
ऐ माँ तुझे सलाम

ऐसा नटखट था घनश्‍याम, तंग था सारा गोकुलधाम
मगर यशोदा कहती थी, झूठे हैं ये लोग तमाम
मेरे लाल को करते हैं सारे यूँ ही बदनाम
ओ माँ तुझे सलाम

तेरा दिल तड़प उठा, जैसे तेरी जान गई
इतनी देर से रूठी थी, कितनी जल्‍दी मान गयी
अपने लाडले के मुँह से सुनते ही अपना नाम
ओ माँ तुझे सलाम

सात समंदर सा तेरा, इक इक आँसू होता है
कोई माँ जब रोती है, तो भगवान भी रोता है
प्‍यार ही प्‍यार है, दर्द ही दर्द है, ममता जिसका नाम

ओ माँ तुझे सलाम

कब तक चुप बैठें अब तो कुछ है बोलना

कब तक चुप बैठें अब तो कुछ है बोलना
कुछ तुम बोलो कुछ हम बोलें ओ ढोलना
मर जाना था ये भेद नहीं था खोलना
ओ ढोलना… ओ ढोलना…

दो चार कदम पे तुम थे, दो चार कदम पे हम थे
दो चार कदम ये लेकिन, सौ मीलों से क्या कम थे
फिर उसपे कदम कदम पे दिल का डोलना
हाय डोलना… ओ ढोलना…

कब तक चुप बैठें अब तो कुछ है बोलना

लो जीत गए तुम हमसे, हम हार गए इस दिल से
आया है आज लबों पे ये प्यार बड़ी मुश्किल से
इस प्यार में हमको पागल ना कर छोड़ना
ना छोड़ना, ओ ढोलना

कब तक चुप बैठें अब तो कुछ है बोलना

की गल है कोई नहीं 

किशोर:
मैंने क्या जी
ओय की गल है

लता:
कोई नहीं

किशोर:
तेरी आँखों से लगता है तू कल रात को सोई नहीं

लता:
नींद है क्या कौन सी चीज़ जो मैने तेरे प्यार में खोई नहीं

किशोर:
गल का मतलब बात बिच न बात नहीं कोई ऐसी
दिल की आग बुझाए जो बरसात नहीं कोई ऐसी
जी भर के हम मिले हों

लता:
जब मुलाक़ात नहीं कोई ऐसी
अरे ये तो मेरी हिम्मत है मैं तड़पी जागी रोई नहीं

किशोर:
की गल है …

लता:
इक हम आज अकेले उस पे मौसम ये मस्ताना
जाग उठा दिल में शायद दर्द कोई पुराना

किशोर:
तू जो कुछ भी आज कहेगी होगा इक बहाना
मैं तुझको छेड़ूँगा वरना छोड़ दे शरमाना

लता:
देखने-सुनने वाला दूजा और यहाँ पर कोई नहीं

किशोर:
की गल है …

के आजा तेरी याद आई 

आ : दिल इंसान का एक तराजू जो इंसाफ़ को तौले
अपनी जगह पर प्यार है क़ायम धरती-अम्बर डोले
सबसे बड़ा सच एक जगत में भेद अनेक जो खोले
प्रेम बिना जीवन सूना ये पागल प्रेमी बोले

ल : के आजा तेरी याद आई
ओ बालम हरजाई
के आजा तेरी …
ज़ालिम कितनी देर लगा दी तुमने आते-आते
अब आए हो अब न आते तो हम जान से जाते
दिल दीवाना दीवाने को हम कैसे समझाते
कहते राम-दुहाई
के आजा तेरी …

र : फ़ुरसत भी है मौसम भी है मन है रंगरलियों में
छुप गई है तू ख़ुश्बू बन के शायद इन कलियों में
मैने तुझको कितना ढूँढा आवारा गलियों में
ये आवाज़ लगाई
के आजा तेरी …

ल : मस्त हवा ने बात कोई कह दी कानों में
जैसे कोई मदिरा भर दे खाली पैमानों में
तड़पाया आज मचलते दिल के अरमानों ने
रुत ने ली अंगड़ाई
के आजा तेरी …

कुछ देर पहले कुछ भी न था 

कुछ देर पहले कुछ भी न था
कुछ देर में ही ये गज़ब हो गया
कुछ देर पहले कुछ भी …

ये प्यार ये प्यार न जाने कब हो गया कब हो गया

हम दोनों में थी बड़ी दुश्मनी
ये दुश्मनी बन गई दोस्ती
ये दोस्ती बन बन गई दिल्लगी
सब कुछ अभी आज हो गया आज हो गया
कुछ देर पहले कुछ भी …

इस दिल ने धोखा दिया है मुझे
गुस्सा बहुत आ रहा है मुझे
मुझको ज़रा सी भी खबर न हुई
तब मैने जाना ये जब हो गया जब हो गया
कुछ देर पहले कुछ भी …

कुछ तो लोग कहेंगे

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

कुछ रीत जगत की ऐसी है, हर एक सुबह की शाम हुई
कुछ रीत जगत की ऐसी है, हर एक सुबह की शाम हुई
तू कौन है, तेरा नाम है क्या, सीता भी यहाँ बदनाम हुई
फिर क्यूँ संसार की बातों से, भीग गये तेरे नयना
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ तो लोग कहेंगे …

हमको जो ताने देते हैं, हम खोए हैं इन रंगरलियों में
हमको जो ताने देते हैं, हम खोए हैं इन रंगरलियों में
हमने उनको भी छुप छुपके, आते देखा इन गलियों में
ये सच है झूठी बात नहीं, तुम बोलो ये सच है ना
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ तो लोग कहेंगे …

खिड़की खुली जरा

खिड़की खुली ज़रा ज़रा परदा सरक गया
कमरा था दिल का खाली कोई चुपके से आ गया
तो हंगामा हो गया
खिड़की खुली ज़रा …

जब होश उड़े तो मैं होश में आया
खामोश खड़ा था मैं जोश में आया
ऐसी चली हवा ऐसी चली हवा ये शोला भड़क गया
कमरा था दिल का …

ये मुखड़ा कितना नमकीन है यारों
ओ कोई फोटो खींचो क्या सीन है यारों
तौबा गज़ब हुआ ओ बाबा गज़ब हुआ
दम मेरा अटक गया
कमरा था दिल का …

ख़िजा के फूल पे आती कभी बहार नहीं 

खिज़ा के फूल पे आती कभी बहार नहीं
मेरे नसीब में ऐ दोस्त, तेरा प्यार नहीं
मेरे नसीब में ऐ दोस्त, तेरा प्यार नहीं …

ना जाने प्यार में कब मैं, ज़ुबां से फिर जाऊं
मैं बनके आँसू खुद अपनी, नज़र से गीर जाऊं
तेरी क़सम है मेरा कोई, ऐतबार नहीं
मेरे नसीब में …

मैं रोज़ लब पे नई एक, आह रखता हूँ
मैं रोज़ एक नये ग़म की राह तकता हूँ
किसी खुशी का मेरे दिल को, इन्तज़ार नहीं
मेरे नसीब में …

गरीब कैसे मोहब्बत, करे अमीरों से
बिछड़ गये हैं कई रांझे, अपनी हीरों से
किसी को अपने मुक़द्दर पे, इख्तियार नहीं
मेरे नसीब में …

खिज़ा के फूल पे आती कभी बहार नहीं
मेरे नसीब में ऐ दोस्त, तेरा प्यार नहीं

खुश रहे तू सदा

तेरी शादी पे दूँ तुझको तोहफ़ा मैं क्या
पेश करता हूँ दिल एक टूटा हुआ

खुश रहे तू सदा, ये दुआ है मेरी
बेवफ़ा ही सही, दिलरुबा है मेरी
खुश रहे …

जा मैं तनहा रहूँ, तुझको महफ़िल मिले
डूबने दे मुझे, तुझको साहिल मिले
आज मरज़ी यही, नाख़ुदा है मेरी

उम्र भर ये मेरे दिल को तड़पाएगा
दर्-ए-दिल अब मेरे साथ ही जाएग
मौत ही आख़िरी बस दवा है मेरी

ख़त लिख दे साँवरिया के नाम बाबू 

… अब के बरस भी बीत न जाये
ये सावन की रातें
देख ले मेरी ये बेचैनी
और लिख दे दो बातें …

खत लिख दे सांवरिया के नाम बाबू
कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
वो मान जाएंगे, पहचान जाएंगे
कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
वो मान जाएंगे, पहचान जाएंगे
कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
खत लिख दे …

सारे वादे निकले झूठे
सामने हो तो कोई उनसे रूठे
ले गई बैरन शहर पिया को
राम करे कि ऐसी नौकरी छूटे
उन्हें जिसने बनाया गुलाम बाबू
कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
वो जान जाएंगे, पहचान जाएंगे
कैसे होती है सुबह से शाम बाबू

जब आएंगे सजना मेरे
खन खन खनकेंगे कँगना मेरे
पास गली में घर है मेरा
उस दिन तू भी आना अँगना मेरे
कुछ तुझको मैं दूँगी ईनाम बाबू
कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
वो जान जाएंगे, पहचान जाएंगे
कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
खत लिख दे …

और बहुत कुछ है लिखवाना
कैसे बता दूँ तुझे तू बेगाना
शर्म से आँखें झुक जाएंगी
धड़क उठेगा मोरा दिल दीवाना
बस आगे नहीं तेरा काम बाबू
कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
वो मान जाएंगे, पहचान जाएंगे
कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
खत लिख दे …

गोरे रँग पे न इतना गुमान कर 

गोरे रंग पे ना इतना ग़ुमान कर
गोरे रंग पे ना इतना ग़ुमान कर
गोरा रंग दो दिन में ढल जाएगा

मैं शमा हूँ तू है परवाना
मैं शमा हूँ तू है परवाना
मुझसे पहले तू जल जाएगा

गोरे रंग पे …

रूप मिट जाता है ये प्यार ऐ दिलदार नहीं मिटता

हो हो फूल मुरझाने से गुलज़ार ओ सरकार नहीं मिटता

क्या बात कही है होय तौबा
क्या बात कही है होय तौबा

ये दिल बेईमान मचल जाएगा
गोरे रंग पे …

ओ ओ आपको है ऐसा इन्कार तो ये प्यार यहीं छोड़ो

ओ ओ प्यार का मौसम है बेकार की तकरार यहीं छोड़ो

हाथों में हाथ ज़रा दे-दो
हाथों में हाथ ज़रा दे-दो

बातों में वक़्त निकल जाएगा
गोरे रंग पे …

ओ ओ मैं तुझे कर डालूँ मसरूर नशे में चूर तो मानोगे

ओ ओ तुमसे मैं हो जाऊँ कुछ दूर ए मग़रूर हो मानोगे

तू लाख बचा मुझसे दामन
तू लाख बचा मुझसे दामन
ये हुस्न का जादू चल जाएगा

गोरे रंग पे …

गाड़ी बुला रही है

गाड़ी बुला रही है, सीटी बजा रही है
चलना ही ज़िंदगी है, चलती ही जा रही है

देखो वो रेल, बच्चों का खेल, सीखो सबक जवानों
सर पे है बोझ, सीने में आग, लब पर धुवाँ है जानो
फिर भी ये जा रही है, नगमें सुना रही है

आगे तूफ़ान, पीछे बरसात, ऊपर गगन में बिजली
सोचे न बात, दिन हो के रात, सिगनल हुआ के निकली
देखो वो आ रही है, देखो वो जा रही है

आते हैं लोग, जाते हैं लोग, पानी मे जैसे रेले
जाने के बाद, आते हैं याद, गुज़रे हुए वो मेले
यादें बना रही है, यादें मिटा रही है

गाड़ी को देख, कैसी है नेक, अच्छा बुरा न देखे
सब हैं सवार, दुश्मन के यार, सबको चली ये लेके
जीना सिखा रही है, मरना सिखा रही है

गाड़ी का नाम, ना कर बदनाम, पटरी पे रख के सर को
हिम्मत न हार, कर इंतज़ार, आ लौट जाएं घर को
ये रात जा रही है, वो सुबह आ रही है

सुन ये पैगाम, ये है संग्राम, जीवन नहीं है सपना
दरिया को फ़ांद, पवर्त को चीर, काम है ये उसका अपना
नींदें उड़ा रही है, जागो जगा रही है

चाँद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था 

चाँद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था
हाँ तुम बिलकुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था

ना रस्में हैं ना कसमें हैं
ना शिकवे हैं ना वादे हैं
इक सूरत भोली भाली है
दो नैना सीधे सादे हैं
दो नैना सीधे सादे हैं
ऐसा ही रूप खयालों में था
जैसा मैंने सोचा था, हाँ …

मेरी खुशियाँ ही ना बाँटे
मेरे ग़म भी सहना चाहे
देखे ना ख्वाब वो महलों के
मेरे दिल में रहना चाहे
इस दुनिया में कौन था ऐसा
जैसा मैंने सोचा था, हाँ …

जादू तेरी नज़र, खुशबू तेरा बदन

जादू तेरी नज़र, खुशबू तेरा बदन
जादू तेरी नज़र, खुशबू तेरा बदन
तू हाँ कर या ना कर
तू हाँ कर या ना कर
तू है मेरी किरन
तू है मेरी किरन
जादू तेरी नज़र …

मेरे ख्वाबोँ की तस्वीर है तू
बेखबर मेरी तक़दीर है तू
मेरे ख्वाबोँ की तस्वीर है तू
बेखबर मेरी तक़दीर है तू
तू किसी और की हो ना जाना
कुछ भी कर जाऊँगा मैँ दीवाना
तू हाँ कर या …

फ़ासले और कम हो रहें हैँ
दूर से पास हम हो रहें हैँ
फ़ासले और कम हो रहें हैँ
दूर से पास हम हो रहें हैँ
माँग लूँगा मैँ तुझे आसमाँ से
छीन लूँगा तुझे इस जहाँ से
तू हाँ कर या …

सोलह बरस की बाली उमर को सलाम

कोशिश कर के देख ले दरिया सारे नदिया सारी
दिल की लगी नहीं बुझती, बुझती है हर चिंगारी

सोलह बरस की बाली उमर को सलाम
ऐ प्यार! तेरी पहली नज़र को सलाम…

दुनिया में सबसे पहले जिसने ये दिल दिया
दुनिया के सबसे पहले दिलबर को सलाम
दिल से निकलने वाले रस्ते का शुक्रिया
दिल तक पहुँचने वाली डगर को सलाम
ऐ प्यार! तेरी पहली नज़र को सलाम…

जिस में जवान हो कर, बदनाम हम हुए
उस शहर, उस गली, उस घर को सलाम
जिसने हमें मिलाया, जिसने जुदा किया
उस वक़्त, उस घड़ी, उस डगर को सलाम
ऐ प्यार! तेरी पहली नज़र को सलाम …

मिलते रहे यहाँ हम, ये है यहाँ लिखा
उस लिखावट की ज़ेरो-ज़बर को सलाम
साहिल की रेत पर यूँ लहरा उठा ये दिल
सागर में उठने वाली हर लहर को सलाम
यूँ मस्त गहरी-गहरी आँखों की झील में
जिसने हमें डुबोया उस भँवर को सलाम
घूँघट को छोड़कर जो सर से सरक गयी
ऐसी निगोड़ी धानी चुनर को सलाम..

उल्फ़त के दुश्मनों ने कोशिश हज़ार की
फिर भी नहीं झुकी जो, उस नज़र को सलाम
ऐ प्यार! तेरी पहली नज़र को सलाम…

रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना

रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना
भूल कोई हमसे ना हो जाये

रात नशीली मस्त समा है
आज नशे में सारा जहाँ हैं
रात नशीली मस्त समा है
आज नशे में सारा जहाँ हैं
आये शराबी मौसम बहकाये – ए – ए – ए …
रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना
भूल कोई हमसे ना हो जाये

आँखों से आँखें मिलती हैं जैसे
बेचैन होके तूफ़ाँ में जैसे
आँखों से आँखें मिलती हैं जैसे
बेचैन होके तूफ़ाँ में जैसे
मौज कोई साहिल से टकराये – ए – ए – ए …
रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना
भूल कोई हमसे ना हो जाये

रोक रहा है हमको ज़माना
दूर ही रहना पास ना आना
रोक रहा है हमको ज़माना
दूर ही रहना पास ना आना
कैसे मगर कोई दिल को समझाये – ए – ए – ए …
रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना
भूल कोई हमसे ना हो जाये

रंग भरे बादल से

रंग भरे बादल से तेरे नैनों के काजल से
रंग भरे बादल से तेरे नैनों के काजल से
मैने इस दिल पे लिख दिया तेरा नाम
चाँदनी
चाँदनी
ओ मेरी चाँदनी
ओ मेरी चाँदनी
ओ मेरी चाँदनी

बिन पूछे ये काम किया तुमने मुझे बदनाम किया
प्यार मुझे तुम करते हो फिर किस बात से डरते हो
दिल पर लिखी बातों को पोंछ न दे तू आँचल से
रंग भरे बादल पर …

कोई फूल कोई तोहफ़ा तुम साथ नहीं लाते
समझाऊँ तुम्हें
अपनी महबूबा से मिलने
खाली हाथ नहीं आते
खाली हाथ नहीं आते
तुम्हें नहीं पता
अरे आज मैं भूल गया याद रखूंगा कल से
रंग भरे बादल पर …

मेरे सोना सोना सोना
पकड़ो पकड़ो पकड़ो पकड़ो पकड़ो पकड़ो
अरे जा जा चाँदनी चाँदनी करता है
नाम मेरा दिल पर लिखकर बस तुमने बात बनाई है
मैने तो दिल के अन्दर
तेरी तस्वीर लगा ली है
तेरी तस्वीर लगा ली है
दिखाऊँ देखोगे
अरे प्यार में तू जीत गई अपने प्रेमी पागल से
रंग भरे बादल पर …

चाँदनी मैं तेरी चाँदनी

बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी 

बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी
बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी
तेरी नींद उडे ते उड जाए
कजरा बहकेगा, गजरा महकेगा
कजरा बहकेगा, गजरा महकेगा
मोहे रुसदीये ते रुस जाए
मोहे रुसदीये ते रुस जाए
बिंदिया चमकेगी …

मैंने माना हुआ तू दीवाना
ज़ुलम तेरे साथ हुआ
मैंने माना हुआ तू दीवाना
ज़ुलम तेरे साथ हुआ
मैं कहाँ ले जाऊँ अपने लौंग का लश्कारा
इस लश्कारे से आके द्वारे से
इस लश्कारे से आके द्वारे से
चल मुड़दीये ते मुड जाए
बिंदिया चमकेगी …

बोले कंगना किसीका ओ सजना
जवानी पे ज़ोर नहीं
बोले कंगना किसीका ओ सजना
जवानी पे ज़ोर नहीं
लाख मना करले दुनिया
कहते हैं मेरे घुंगरू
पायल बाजेगी, गोरी नाचेगी
पायल बाजेगी, गोरी नाचेगी
छत टुटदीये ते टुट जाए
बिंदिया चमकेगी …

मैंने तुझसे मोहब्बत की है
ग़ुलामी नहीं की बलमा
मैंने तुझसे मोहब्बत की है
ग़ुलामी नहीं की बलमा
दिल किसी का टूटे
चाहे कोई मुझसे रूठे
मैं तो खेलूँगी, मैं तो छेड़ूँगी
मैं तो खेलूँगी, मैं तो छेड़ूँगी
यारी टुटदीये ते, टुट जाए
बिंदिया चमकेगी …

मेरे आँगन बारात लेके साजन
तू जिस रात आएगा
मेरे आँगन बारात लेके साजन
तू जिस रात आएगा
मैं न बैठूँगी डोली में
कह दूँगी बाबुल से
मैं न जाऊँगी, मैं न जाऊँगी
मैं न जाऊँगी, मैं न जाऊँगी
गड्डी टुरदीये ते टुर जाए
बिंदिया चमकेगी …

मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू 

मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू
आई रुत मस्तानी कब आएगी तू
बीती जाए ज़िंदगानी कब आएगी तू
चली आ, आ तू चली आ …

फूल सी खिल के, पास आ दिल के
दूर से मिल के, चैन ना आए
और कब तक मुझे तड़पाएगी तू
मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू …

प्यार की कलियाँ, बागों की गलियाँ
सब रंगरलियाँ, पूछ रहीं हैं
गीत पनघट पे किस दिन गाएगी तू
मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू …

क्या है भरोसा, आशिक़ दिल का
और किसी पे, ये आ जाए
आ गया तो बहुत पछताएगी तू
मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू
आई रुत मस्तानी कब आएगी तू
बीती जाए ज़िंदगानी कब आरगी तू
चली आ, आ तू चली आ …

मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे

मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मुझे ग़म देने वाले तू खुशी को तरसे

तू फूल बने पतझड़ का, तुझ पे बहार न आए कभी
मेरी ही तरह तू तड़पे तुझको क़रार न आए कभी
जिये तू इस तरह की ज़िंदगी को तरसे

इतना तो असर कर जाएं मेरी वफ़ाएं ओ बेवफ़ा
जब तुझे याद आएं अपनी जफ़ाएं ओ बेवफ़ा
पशेमान होके रोए, तू हंसी को तरसे

तेरे गुलशन से ज़्यादा वीरान कोई वीराना न हो
इस दुनिया में तेरा जो अपना तो क्या, बेगाना न हो
किसी का प्यार क्या तू बेरुख़ी को तरसे

मेरी महबूबा

किसी रोज़ तुम से मुलाकात होगी
मेरी जान उस दिन मेरे साथ होगी
मगर कब ना जाने ये बरसात होगी
मेरा दिल है प्यासा मेरा दिल अकेला
ज़रा तस्वीर से तू निकल के सामने आ मेरी महबूबा
मेरी तक़दीर है तू मचल के सामने आ मेरी महबूबा
मेरी महबूबा

ओ ब्ल्डडी ओ ब्ल्डडा ओ ब्ल्डडू व्हाट टू डू
ओ ब्ल्डडी ओ ब्ल्डडा ओ ब्ल्डडू वी लव यू

नहीं याद कब से मगर मैं हूँ जब से
मेरे दिल में तेरी मुहब्बत है तब से
मैं शायर हूँ तेरा तू मेरी ग़ज़ल है
बड़ी बेकरारी मुझे आजकल है
ज़रा तस्वीर से तू …

भला कौन है वो हमें भी बताओ
ये तस्वीर उसकी हमें भी दिखाओ
ये किस्से सभी को सुनाते नहीं है
मगर दोस्तों से छुपाते नहीं है
तेरे दर्द-ए-दिल की दवा हम करेंगे
ना कुछ कर सके तो दुआ हम करेंगे
तड़प कर आएगी वो तुझे मिल जाएगी वो तेरी महबूबा
किसी रोज़ अपनी मुलाकात होगी
ज़रा तस्वीर से तू …

मेहँदी लगा के रखना

कोरस:
ये कुड़ियाँ नशे दियाँ पुड़ियाँ
ये मुंडे गली के गुंडे
ये कुड़ियाँ नशे दियाँ पुड़ियाँ
ये मुंडे गली के गुंडे
नशे दियाँ पुड़ियाँ
गली के गुंडे

ब: हो, हो
महंदी लगाके रखना, डोली सजाके रखना
महंदी लगाके रखना, डोली सजाके रखना
लेने तुझे ओ गोरी, आएंगे तेरे सजना
महंदी लगाके रखना, डोली सजाके रखना, ओ हो, ओ हो

ल: ओ, आ
सहरा सजाके रखना, चहरा छुपाके रखना
सहरा सजाके रखना, चहरा छुपाके रखना
ये दिल की बात अपने, दिल में दबाके रखना

कोरस:
सहरा सजाके रखना, चहरा छुपाके रखना
महंदी लगाके रखना, डोली सजाके रखना

होय, होय, होय
होय, होय, होय

ब: उड़ उड़के तेरी ज़ुल्फ़ें, करती हैं क्या इशारे
दिल थाम के खड़े हैं, आशिक सभी कंवारे

ल: छुप जाए सारी कुड़ियाँ, घर में शर्म के मारे
गाँव में आ गए हैं, पागल शहर के सारे

ब: नज़रें झुकाके रखना, दामन बचाके रखना
नज़रें झुकाके रखना, दामन बचाके रखना
लेने तुझे ओ गोरी, आएंगे तेरे सजना

कोरस:
महंदी लगाके रखना, डोली सजाके रखना
सहरा सजाके रखना, चहरा छुपाके रखना

ब: मैं एक जवान लड़का, तू एक हसीन लड़की
ये दिल मचल गया तो, मेरा कुसूर क्या है

ल: रखना था दिल पे काबू, ये हुस्न तो है जादू
जादू ये चल गया तो, मेरा कुसूर क्या है

ब: रस्ता हमारा तकना, दरवाज़ा खुला रखना
रस्ता हमारा तकना, दरवाज़ा खुला रखना
लेने तुझे ओ गोरी, आएंगे तेरे सजना

ल: कुछ और अब न कहना, कुछ और अब न करना
कुछ और अब न कहना, कुछ और अब न करना
ये दिल की बात अपने, दिल में दबाके रखना

कोरस:
महंदी लगाके रखना, डोली सजाके रखना
सहरा सजाके रखना, चहरा छुपाके रखना

शावा
होय, होय
शावा
होय, होय
शावा
होय, होय

मेरे नैना सावन भादों 

किशोर:
मेरे नैना सावन भादों
फिर भी मेरा मन प्यासा
फिर भी मेरा मन प्यासा

ऐ दिल दीवाने, खेल है क्या जाने
दर्द भरा ये, गीत कहाँ से
इन होंठों पे आए, दूर कहीं ले जाए
भूल गया क्या, भूल के भी है
मुझको याद ज़रा सा, फिर भी …

बात पुरानी है, एक कहानी है
अब सोचूँ तुम्हें, याद नहीं है
अब सोचूँ नहीं भूले, वो सावन के झूले
ऋतु आये ऋतु जाये देके
झूठा एक दिलासा, फिर भी…

बरसों बीत गए, हमको मिले बिछड़े
बिजुरी बनकर, गगन पे चमके
बीते समय की रेखा, मैं ने तुम को देखा
मन संग आँख-मिचौली खेले
आशा और निराशा, फिर भी…

लता:
मेरे नैना सावन भादों
फिर भी मेरा मन प्यासा
फिर भी मेरा मन प्यासा

बात पुरानी है…

ऐ दिल दीवाने …

बरसों बीत गए, हमको मिले बिछड़े
बिजुरी बनकर, गगन पे चमके
बीते समय की रेखा, मैंने तुमको देखा
तड़प तड़प के इस बिरहन को
आया चैन ज़रासा, फिर भी …

घुंघरू की छमछम, बन गई दिल का ग़म
डूब गया दिल, यादों में फिर
उभरी बेरंग लकीरें, देखो ये तसवीरें
सूने महल में नाच रही है
अब तक एक रक्कासा, फिर भी…

भीगी भीगी रातों में, मीठी मीठी बातों में 

किशोर:
भीगी भीगी रातों में, मीठी मीठी बातों में
ऐसी बरसातो में, कैसा लगता है?

लता:
ऐसा लगता है तुम बनके बादल,
मेरे बदन को भिगोके मुझे, छेड़ रहे हो ओ
छेड़ रहे हो
ऐसा लगता है तुम बनके बादल,
मेरे बदन को भिगोके मुझे, छेड़ रहे हो ओ
छेड़ रहे हो

अम्बर खेले होली उई माँ
भीगी मोरी चोली, हमजोली, हमजोली
अम्बर खेले होली उई माँ
भीगी मोरी चोली, हमजोली, हमजोली
ओ, पानी के इस रेले में सावन के इस मेले में
छत पे अकेले में
कैसा लगता है

किशोर:
ऐसा लगता है
तू बनके घटा अपने सजन को भिगोके खेल खेल रही हो ओ
खेल रही हो

लता:
ऐसा लगता है
तुम बनके बादल मेरे बदन को भिगोके मुझे छेड़ रहे हो हो.
छेड़ रहे हो

किशोर:
बरखा से बचा लूँ तुझे
सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूँ आ छूपा लूँ
बरखा से बचा लूँ तुझे
सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूं आ छूपा लूँ
दिल ने पुकारा देखो रुत का इशारा देखो
उफ़ ये नज़ारा देखो
कैसा लगता है, बोलो?

लता:
ऐसा लगता है कुछ हो जायेगा
मस्त पवन के ये झोकें सैंया देख रहे हो ओ
देख रहे हो
ऐसा लगता है
तुम बनके बादल मेरे बदन को भिगोके मुझे छेड़ रहे हो हो
छेड़ रहे हो

मुबारक हो सब को समाँ ये सुहाना

मुबारक हो सब को समा ये सुहाना
मैं खुश हूँ मेरे आँसुओं पे न जाना
मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना
मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना

हज़ारों तरह के ये होते हैं आँसू
अगर दिल में ग़म हो तो रोते हैं आँसू
खुशी में भी आँखें भिगोते हैं आँसू
इन्हें जान सकता नहीं ये ज़माना
मैं खुश हूँ मेरे आँसुओं पे न जाना
मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना
मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना

ये शहनाइयाँ दे रही हैं दुहाई
कोई चीज़ अपनी हुई है पराई
किसी से मिलन है किसी से जुदाई
नए रिश्तों ने तोड़ा नाता पुराना
मैं खुश हूँ मेरे आँसुओं पे न जाना
मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना
मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना

परदेसिया ये सच है पिया

ए हे हे रे चोरी-चोरी
मिलते हैं रे चाँद-चकोरी

हो परदेसिया
परदेसिया
ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने
तुझको दिल दे दिया

परदेसिया
परदेसिया
ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने
तुझको दिल दे दिया
मैं कहती हूँ तूने
मेरा दिल ले लिया

फूलों में कलियों में गाँव की गलियों में
हम-दोनों बदनाम होने लगे हैं
नदिया किनारे पे छत पे चौबारे पे
हम मिल के हँसने-रोने लगे हैं
सुन के पिया
सुन के पिया धड़के जिया
सब कहते हैं मैंने
तुझको दिल दे दिया
मैं कहती हूँ तूने
मेरा दिल ले लिया

लोगों को कहने दो कहते ही रहने दो
सच-झूठ हम क्यूँ सबको बतायें
मैं भी हूँ मस्ती में तू भी है मस्ती में
आ इस ख़ुशी में हम नाचें-गायें
किसको पता
किसको पता क्या किसने किया
सब कहते हैं तूने
मेरा दिल ले लिया

सब कहते हैं मैंने
तुझको दिल दे दिया

मेरा दिल कहता है तू दिल में रहता है
मेरे भी दिल की कली खिल गैइ है

तेरी तू जाने रे माने न माने रे
मुझको मेरी मंज़िल मिल गैइ है

तू मिल गया
तू मिल गया मुझको पिया
सब कहते हैं मैंने
तुझको दिल दे दिया
मैं कहती हूँ तूने
मेरा दिल ले लिया

परदेसिया
परदेसिया
ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने
तुझको दिल दे दिया

मैं कहती हूँ तूने
मेरा दिल ले लिया

नायक नहीं खलनायक हूँ मैं

री रा रि री री रा र रू
एक होता है नायक और एक होता है खलनायक

नायक खलनायक

नायक नहीं खलनायक है तू ज़ुल्मी बड़ा दुःखदायक है तू
इस प्यार की तुझको क्या कदर इस प्यार के कहां लायक है तू
नायक नहीं खलनायक है …

नायक खलनायक नायक खलनायक

तेरी तबियत तो रंगीन है पर तू मोहब्बत की तौहीन है
इक रोज तुझको समझ आएगी लेकिन बहुत देर हो जाएगी
नायक नहीं खलनायक है …

खुद को तराज़ू में तौला नहीं सच खुद से भी तूने बोला नहीं
कितने खिलौनों से खेला है तू अफ़सोस फिर भी अकेला है तू
नायक नहीं खलनायक है …

जी हाँ मैं हूँ खलनायक

नायक नहीं खलनायक है तू
नायक नहीं खलनायक हूँ मैं ज़ुल्मी बड़ा दुःखदायक हूँ मैं
है प्यार क्या मुझको क्या खबर बस यार नफ़रत के लायक हूँ मैं
नायक नहीं खलनायक हूँ …

तेरी तबियत तो रंगीन है पर तू मोहब्बत की तौहीन है

कुछ भी नहीं याद इसके सिवा न मैं किसी का न कोई मेरा
जो चीज़ मांगी नहीं वो मिली करता मैं क्या और बस छीन ली
मैं भी शराफ़त से जीता मगर मुझको शरीफ़ों से लगता था डर
सबको पता था मैं कमज़ोर हूँ मैं इसलिए आज कुछ और हूँ
नायक नहीं खलनायक हूँ …

कितने खिलौनों से खेला है तू अफ़सोस फिर भी अकेला है तू

बचपन में लिखी कहानी मेरी कैसे बदलती जवानी मेरी
सारा समन्दर मेरे पास है एक बूंद पानी मेरी प्यास है
देखा था माँ ने कभी प्यार से अब मिट गई वो भी संसार से
मैं वो लुटेरा हूँ जो लुट गया माँ का आंचल कहीं छुप गया
नायक नहीं खलनायक हूँ …

परदेशियों से न अँखियाँ मिलाना

परदेसियों से ना अँखियां मिलाना
परदेसियों को है इक दिन जाना

आती है जब ये रुत मस्तानी
बनती है कोई न कोई कहानी
अब के बरस देखे बने क्या फ़साना

सच ही कहा है पंछी इनको
रात को ठहरे तो उड़ जाएं दिन को
आज यहाँ कल वहाँ है ठिकाना

बागों में जब जब फूल खिलेंगे
तब तब ये हरजाई मिलेंगे
गुज़रेगा कैसे पतझड़ का ज़माना

ये बाबुल का देस छुड़ाएं
देस से ये परदेस बुलाएं
हाय सुनें ना ये कोई बहाना

हमने यही एक बार किया था
एक परदेसी से प्यार किया था
ऐसे जलाए दिल जैसे परवाना

प्यार से अपने ये नहीं होते
ये पत्थर हैं ये नहीं रोते
इनके लिये ना आँसू बहाना

ना ये बादल ना ये तारे
ये कागज़ के फूल हैं सारे
इन फूलों के बाग न लगाना

हमने यही एक बार किया था
एक परदेसी से प्यार किया था
रो रो के कहता है दिल ये दीवाना

जिसने पाप ना किया हो 

यार हमारी बात सुनो ऐसा इक इन्सान चुनो
जिसने पाप ना किया हो जो पापी ना हो
जिसने पाप ना किया हो जो पापी ना हो

कोई है चालाक आदमी कोई सीधा-सादा
कोई है चालाक आदमी कोई सीधा-सादा
हममें से हर एक है पापी थोड़ा कोई ज़्यादा
हो कोई मान गया रे कोई रूठ गया
हो कोई पकड़ा गया कोई छूट गया
यार हमारी बात सुनो ऐसा इक बेईमान चुनो
हो जिसने पाप ना …

इस पापन को आज सज़ा देंगे मिलकर हम सारे
इस पापन को आज सज़ा देंगे मिलकर हम सारे
लेकिन जो पापी न हो वो पहला पत्थर मारे
हो पहले अपने मन साफ़ करो रे फिर औरों का इन्साफ़ करो
यार हमारी बात सुनो ऐसा इक नादान चुनो
हो जिसने पाप ना …

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