मनोहर वर्मा की रचनाएँ

कहाँ लड़ाई

किसने खाई
अरे मलाई?
‘तूने’ – ‘तूने’
‘तूने’ – ‘तूने’
शुूरू लड़ाई
तू-तू, मैं-मैं
हाथापाई!

अम्मा बोली-
‘काली बिल्ली
तुमने पाली
उसने खा ली
दूध मलाई!’

‘आ जा नंदू’
‘आ जा चंदू’
हम दोनों तो
भाई-भाई,
कहाँ लड़ाई?

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