आधुनिक काल

चन्द्र कुमार वरठे की रचनाएँ

यह कविता तुम्हारे ही नाम कविता लिखने बैठा और तुम्हारी याद आयी लो— यह कविता तुम्हारे ही नाम वहाँ देखो…

10 hours ago

चन्द्रकला की रचनाएँ

पद / 1 एहो ब्रजराज कत बैठे हौ निकुंज माँहि, कीन्हों तुम मान ताकी सुधि कछु पाई है। ताते वृषभानुजा…

10 hours ago

चन्द्र की रचनाएँ

मज़दूरों के लिए एक श्रम के आँच में जल-जलकर बहे हुए लहू-पसीने के कतरे-कतरे को चूमा जाएगा चूमा जाएगा उन…

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चन्दन सिंह की रचनाएँ

बसना यह शहर का नया बसता हुआ इलाका है यहाँ सब्ज़ियों से अधिक अभी सीमेण्ट छड़ की दुकानें हैं म्यूनिसपैलिटी…

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चक्रधर ‘नलिन’की रचनाएँ

गीत खुशी के माँ, नभ देखो बुला रहा मैं मंगल ग्रह को जाऊँगा, शटल यान से उतर, वहाँ पर गीत…

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चंद्रसेन विराट की रचनाएँ

उतारी जाए अब हथेली न पसारी जाए. धार पर्वत से उतारी जाए. अपनी जेबो में भरे जो पानी उसकी गर्दन…

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चंद्रमोहन ‘दिनेश’की रचनाएँ

बिल्ली रानी बिल्ली रानी बहुत भली पहन-ओढ़ कर कहाँ चली? क्या चूहों की शामत है? नहीं, खीर की दावत है!…

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चंद्रभूषण की रचनाएँ

तुम्हें नहीं लगता बहुत देर हो चुकी है कहते कहते कि देर हो चुकी है तुम्हें नहीं लगता? वह सुकूनदेह…

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चंद्रभानु भारद्वाज की रचनाएँ

बराबर उसके कद के यों मेरा कद हो नहीं सकता बराबर उसके कद के यों मेरा कद हो नहीं सकता…

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चंद्रपाल सिंह यादव ‘मयंक’की रचनाएँ

जादूगर अलबेला छू, काली कलकत्ते वाली! तेरा वचन न जाए खाली। मैं हूँ जादूगर अलबेला, असली भानमती का चेला। सीधा…

10 hours ago